Samachar Nama
×

PHQ के 46 व्हाट्सएप नंबर हुए बेअसर, शिकायत व्यवस्था पर सवाल; 13 नंबर बंद, 10 रेंज से बाहर

PHQ के 46 व्हाट्सएप नंबर हुए बेअसर, शिकायत व्यवस्था पर सवाल; 13 नंबर बंद, 10 रेंज से बाहर

आम लोगों की शिकायतों को सीधे पुलिस तक पहुंचाने के लिए शुरू की गई पुलिस मुख्यालय (PHQ) की व्हाट्सएप सुविधा अब खुद सवालों के घेरे में आ गई है। प्रदेशभर के लिए जारी किए गए 46 व्हाट्सएप नंबरों में से कई नंबर वर्तमान में सक्रिय नहीं हैं। शुरुआती 10 दिनों में जहां इन नंबरों पर करीब 350 शिकायतें पहुंची थीं, वहीं अब स्थिति यह है कि कई नंबर व्हाट्सएप पर उपलब्ध ही नहीं हैं।

जानकारी के अनुसार, पुलिस मुख्यालय ने लोगों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित समाधान के उद्देश्य से अलग-अलग रेंज और जिलों के लिए व्हाट्सएप नंबर जारी किए थे। इस व्यवस्था का मकसद था कि आम नागरिक बिना थाने पहुंचे अपनी शिकायत पुलिस तक भेज सकें और उन पर कार्रवाई हो सके।

शुरुआत में इस सुविधा को लोगों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। पहले 10 दिनों में ही करीब 350 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। लेकिन बाद में इन नंबरों के संचालन और निगरानी में लापरवाही सामने आने लगी। रिपोर्ट के मुताबिक, 13 नंबर अब व्हाट्सएप पर मौजूद ही नहीं हैं, जबकि 10 नंबर बंद पड़े हैं। वहीं, एक नंबर किसी निजी व्यक्ति के पास पहुंच गया है।

इन हालातों से शिकायतकर्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जिन लोगों ने पुलिस से संपर्क करने के लिए इन नंबरों का इस्तेमाल करना चाहा, उन्हें तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

पुलिस की डिजिटल शिकायत व्यवस्था का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और लोगों को आसान सुविधा उपलब्ध कराना था। लेकिन नंबरों के निष्क्रिय होने से इस पूरी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल उठने लगे हैं। खासकर उस स्थिति में जब किसी व्यक्ति को आपात या महत्वपूर्ण शिकायत दर्ज करानी हो।

विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल सेवाओं को शुरू करने के साथ-साथ उनकी नियमित निगरानी भी जरूरी होती है। यदि संपर्क नंबर अपडेट नहीं रहते तो इससे जनता का भरोसा प्रभावित हो सकता है।

अब पुलिस मुख्यालय के सामने चुनौती है कि वह सभी व्हाट्सएप नंबरों की समीक्षा करे और बंद या गलत नंबरों को जल्द से जल्द ठीक करे। साथ ही यह सुनिश्चित करना होगा कि आने वाली शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग हो और लोगों को समय पर जवाब मिल सके।

फिलहाल इस मामले को लेकर विभागीय स्तर पर समीक्षा की जरूरत महसूस की जा रही है। देखना होगा कि पुलिस मुख्यालय इन निष्क्रिय नंबरों को दोबारा सक्रिय करने और शिकायत व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए क्या कदम उठाता है।

Share this story

Tags