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कोटा में सड़क हादसा: महाकाल मंदिर दर्शन से लौट रहे 4 श्रद्धालुओं की मौत

कोटा में सड़क हादसा: महाकाल मंदिर दर्शन से लौट रहे 4 श्रद्धालुओं की मौत

कोटा संभाग के रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र में रविवार को एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ। चेचट टोल प्लाजा के पास दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस हाईवे पर वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें महाकाल मंदिर से दर्शन कर लौट रहे चार श्रद्धालुओं की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के अनुसार, मृतक सभी कानपुर के रहने वाले थे और तीर्थयात्रा पर आए हुए थे। हादसे के समय वाहन पर अधिक लोग नहीं होने की बात सामने आई है, लेकिन तेज रफ्तार और हाईवे की परिस्थितियां हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही हैं।

सूचना मिलने के तुरंत बाद रामगंजमंडी थाना पुलिस और आपातकालीन सेवाएं मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी घटनास्थल की जांच शुरू कर दी गई है।

हादसे के बाद हाईवे पर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई थी। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मार्ग को अवरुद्ध कर, अन्य वाहनों को दूसरी लेन पर भेजा और राहत कार्यों को संचालित किया।

स्थानीय लोगों और यात्रियों ने बताया कि एक्सप्रेस हाईवे पर तेज रफ्तार और सुरक्षा मानकों का पालन न करना हादसों का प्रमुख कारण बन रहा है। सड़क पर पर्याप्त संकेत और सुरक्षा गार्ड्स होने के बावजूद तेज रफ्तार वाहन दुर्घटनाओं को आम बना रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि तीर्थयात्रा और लंबी दूरी की यात्रा के दौरान वाहन चालक की सतर्कता और वाहन की सुरक्षा जांच बेहद जरूरी है। अक्सर थकान और लापरवाही से सड़क हादसों की संख्या बढ़ जाती है।

परिवार और समाज में इस हादसे को लेकर शोक की लहर है। कानपुर के मृतकों के परिजन भी सूचना पाते ही कोटा पहुंचे और हादसे की दुखद जानकारी पाकर गहरे सदमे में हैं। स्थानीय प्रशासन ने उन्हें तुरंत सहायता और कानूनी प्रक्रियाओं में सहयोग देने का आश्वासन दिया है।

इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन के महत्व को रेखांकित किया है। अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि लंबी यात्रा के दौरान तेज रफ्तार वाहन चलाने से बचें और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करें।

कोटा पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम और जांच के बाद ही हादसे की पूरी वजह सामने आएगी। साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि हादसे के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जाएगी और जरूरत पड़ने पर सुरक्षा उपायों को और सख्त किया जाएगा।

यह दुखद हादसा न केवल कानपुर के परिवारों के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि पूरे कोटा संभाग में सड़क सुरक्षा के प्रति चेतना बढ़ाने का संदेश भी देता है। महाकाल मंदिर से लौटते श्रद्धालुओं की यह यात्रा, जो भक्ति और श्रद्धा से भरी थी, अचानक दुखद अंत में बदल गई।

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