दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर भीषण सड़क हादसा, 4 की मौत, 1 गंभीर घायल
दौसा जिले के पापड़दा थाना क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें चार लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल का इलाज दौसा के जिला अस्पताल में जारी है।
जानकारी के अनुसार, यह हादसा सुबह करीब 5:30 बजे हुआ। दुर्घटना स्थल दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के पिलर संख्या 193 के पास था। तेज रफ्तार में चल रही अर्टिगा कार अचानक आगे चल रहे ट्रक में घुस गई। टक्कर के बाद ट्रक ने कार को लगभग 2 से 3 किलोमीटर तक घसीटते हुए ले गया, जिससे कार पूरी तरह से चकनाचूर हो गई।
स्थानीय लोगों और राहगीरों के अनुसार, दुर्घटना के बाद चिल्लाहट और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर पहुंची पुलिस और आपातकालीन टीम ने मृतकों को बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। घायल व्यक्ति को भी तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे का मुख्य कारण अत्यधिक गति और वाहन की अनियंत्रित ड्राइविंग प्रतीत होती है। इसके अलावा, एक्सप्रेस-वे पर ट्रक और कार के बीच सुरक्षित दूरी न बनाए रखने का भी हादसे में योगदान रहा।
दौसा पुलिस ने कहा कि हादसे की पूरी छानबीन की जा रही है। उन्होंने दुर्घटना के साक्ष्यों, वाहन की स्थिति और चालक के बयान जुटाए हैं। एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा मानकों और स्पीड लिमिट का पालन न करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय प्रशासन ने दुर्घटना को लेकर नागरिकों से अपील की है कि वे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर वाहन चलाते समय हमेशा सावधानी बरतें, गति सीमा का पालन करें और वाहन की मरम्मत सुनिश्चित करें। अधिकारीयों ने यह भी कहा कि रात और सुबह के समय तेज रफ्तार वाहन चलाने से विशेष रूप से सावधानी बरतना जरूरी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एक्सप्रेस-वे पर ट्रक और कार के बीच दूरी बनाए रखना, संकेतों का पालन करना और सुरक्षित ड्राइविंग तकनीक अपनाना बेहद जरूरी है। केवल इसी तरह की सावधानी ही जैसे दौसा हादसा जैसी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है।
दौसा जिले में यह सड़क हादसा एक्सप्रेस-वे पर सुरक्षा और वाहन गति नियंत्रण की आवश्यकता को फिर से उजागर करता है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने इस हादसे के बाद सड़क सुरक्षा अभियान तेज करने की घोषणा की है।
इस भीषण हादसे ने इलाके में दुःख और शोक की लहर फैला दी है। मृतकों के परिजनों को प्रशासन द्वारा सहायता और राहत राशि देने की तैयारी की जा रही है। पुलिस हादसे की पूरी जांच और रिपोर्ट तैयार कर रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।

