बारां में मिड-डे मील खाने से 30 स्कूली बच्चे बीमार, फुटेज में देंखे उल्टी-पेट दर्द की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती; जांच शुरू
राजस्थान के बारां जिले में मिड-डे मील खाने के बाद सरकारी स्कूल के करीब 30 बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। बच्चों को उल्टी, पेट दर्द और घबराहट की शिकायत होने पर स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में उन्हें एंबुलेंस और निजी वाहनों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। फिलहाल सभी बच्चों की हालत स्थिर बताई जा रही है और उनका इलाज जारी है। यह घटना अटरू ब्लॉक के केरवालिया देवपुरा स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय की है।
मिड-डे मील खाने के बाद बिगड़ी तबीयत
जिला शिक्षा अधिकारी सीताराम गोयल ने बताया कि शुक्रवार दोपहर स्कूल में कुल 43 बच्चों में से 38 बच्चों ने मिड-डे मील खाया था। भोजन करने के कुछ ही समय बाद करीब 30 बच्चों को उल्टी, पेट दर्द और घबराहट की शिकायत होने लगी।बच्चों की तबीयत बिगड़ते ही स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया। शिक्षकों ने तुरंत स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को सूचना दी।
अस्पताल में कराया गया भर्ती
सूचना मिलते ही एंबुलेंस मौके पर पहुंची और बच्चों को तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोठपुर ले जाया गया। कुछ बच्चों को निजी वाहनों से भी अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में भर्ती होते ही परिजनों की बड़ी संख्या वहां पहुंच गई, जिससे अस्पताल परिसर में भीड़ लग गई।डॉक्टरों ने बच्चों का प्राथमिक उपचार शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार, समय पर इलाज मिलने से सभी बच्चों की हालत में सुधार है और किसी की स्थिति गंभीर नहीं है।
प्रशासन और शिक्षा विभाग मौके पर पहुंचा
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी स्कूल और अस्पताल पहुंचे। जिला शिक्षा अधिकारी सीताराम गोयल तथा अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) भंवरलाल जनागल ने अस्पताल पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और चिकित्सकों से उपचार व्यवस्था की समीक्षा की।अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन से भी घटना की पूरी जानकारी ली और मिड-डे मील वितरण प्रक्रिया की जांच शुरू कर दी है।
जांच के लिए सुरक्षित रखे गए भोजन के सैंपल
प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मिड-डे मील के सैंपल सुरक्षित रखवा दिए हैं, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चों की तबीयत खराब होने की वजह भोजन में किसी प्रकार की गड़बड़ी थी या कोई अन्य कारण।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
प्रशासन का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। यदि जांच में मिड-डे मील की गुणवत्ता में लापरवाही या किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल सभी बच्चों का स्वास्थ्य लगातार डॉक्टरों की निगरानी में है। प्रशासन ने अभिभावकों से घबराने की बजाय बच्चों के इलाज पर भरोसा रखने की अपील की है। वहीं, इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में मिड-डे मील की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

