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सरिस्का के बफर जोन में एक साथ दिखे 3 टाइगर, फुटेज में देंखे बाघिन और दो शावकों को देखकर रोमांचित हुए देसी-विदेशी पर्यटक

सरिस्का के बफर जोन में एक साथ दिखे 3 टाइगर, फुटेज में देंखे बाघिन और दो शावकों को देखकर रोमांचित हुए देसी-विदेशी पर्यटक

राजस्थान के सरिस्का टाइगर रिजर्व का बफर जोन इन दिनों वन्यजीव प्रेमियों और फोटोग्राफरों के लिए खास आकर्षण बनता जा रहा है। सोमवार शाम को अंधेरी ट्रैक पर सफारी करने पहुंचे देसी-विदेशी पर्यटकों को एक साथ तीन टाइगर नजर आए। इनमें एक बाघिन और उसके दो शावक शामिल थे। अचानक सामने आए तीनों बाघों को देखकर पर्यटक रोमांचित हो उठे। इस दौरान वन्यजीव फोटोग्राफरों को भी बाघिन और उसके शावकों की तस्वीरें लेने का शानदार मौका मिला। सरिस्का के बफर जोन में इस तरह एक साथ तीन बाघों की साइटिंग होने से पर्यटकों में उत्साह देखने को मिला। जंगल के प्राकृतिक वातावरण में बाघिन और उसके शावकों को करीब से देखना सफारी पर पहुंचे लोगों के लिए यादगार अनुभव रहा।

अंधेरी ट्रैक पर हुई शानदार साइटिंग

सोमवार शाम को पर्यटक सरिस्का के बफर जोन स्थित अंधेरी ट्रैक पर सफारी कर रहे थे। इसी दौरान बाघिन और उसके दो शावक अचानक पर्यटकों के सामने आ गए। जंगल में एक साथ तीन टाइगर दिखाई देने पर सफारी में शामिल लोग उत्साहित हो गए।

वन्यजीव फोटोग्राफर हिमांशु शर्मा ने बताया कि उनके साथ कई नामी वाइल्डलाइफ फोटोग्राफर पहली बार इस इलाके को एक्सप्लोर करने पहुंचे थे। बाघिन और उसके शावकों का यह नजारा देखकर सभी बेहद खुश हुए। उनके मुताबिक, जंगल में इस तरह की साइटिंग वन्यजीव फोटोग्राफी के लिहाज से खास अनुभव है।फोटोग्राफर विक्रांत सिंह ने भी सोमवार शाम की सफारी के दौरान तीन टाइगर दिखाई देने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एक बाघिन और दो शावकों की शानदार साइटिंग ने सफारी पर पहुंचे लोगों का उत्साह बढ़ा दिया।

वन्यजीव फोटोग्राफी के लिए खास बन रहा बफर जोन

सरिस्का टाइगर रिजर्व का बफर जोन अब वन्यजीव प्रेमियों और फोटोग्राफरों के बीच लोकप्रिय होता जा रहा है। यहां जंगल के प्राकृतिक वातावरण में वन्यजीवों को देखने और उनकी गतिविधियों को कैमरे में कैद करने के अवसर मिल रहे हैं।बफर जोन में बाघों की मौजूदगी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। अंधेरी ट्रैक पर हुई ताजा साइटिंग ने इस क्षेत्र की चर्चा और बढ़ा दी है। खास बात यह रही कि पर्यटकों को एक साथ बाघिन और उसके दो शावकों को देखने का मौका मिला।वन्यजीव फोटोग्राफरों के लिए बाघों की प्राकृतिक गतिविधियों को कैमरे में कैद करना आसान नहीं होता। इसके लिए धैर्य, सही समय और जंगल में वन्यजीवों की गतिविधियों की समझ जरूरी होती है। ऐसे में सफारी के दौरान अचानक हुई यह साइटिंग फोटोग्राफरों के लिए यादगार रही।

पर्यटकों के लिए रोमांच, वन्यजीव संरक्षण भी जरूरी

सरिस्का में बाघों की मौजूदगी पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। बाघों को प्राकृतिक वातावरण में देखने का अनुभव पर्यटकों को वन्यजीवों और जंगलों के प्रति आकर्षित करता है। हालांकि, सफारी के दौरान वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखना और वन विभाग के निर्देशों का पालन करना भी जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक व्यवहार के साथ देखने के लिए जंगल में शांति बनाए रखना महत्वपूर्ण होता है। पर्यटकों और फोटोग्राफरों को ऐसी गतिविधियों से बचना चाहिए, जिनसे वन्यजीवों को परेशानी हो।सोमवार शाम अंधेरी ट्रैक पर बाघिन और उसके दो शावकों की साइटिंग ने सरिस्का के बफर जोन को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। इस घटना के बाद वन्यजीव प्रेमियों और फोटोग्राफरों की दिलचस्पी इस क्षेत्र में और बढ़ने की संभावना है।

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