राजस्थान के बूंदी जिले में वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन को बड़ा झटका लगा है। देई थाना इलाके के डोडी गांव में दो संदिग्ध युवकों के पास से 22 मरे हुए पक्षी मिलने से हड़कंप मच गया है। इनमें एक कबूतर और 21 जंगली बत्तखें शामिल हैं। यह घटना नेचर लवर्स और लोकल लोगों के लिए चिंता की बात बन गई है, क्योंकि यह जंगल की बायोडायवर्सिटी के लिए खतरा है।
गांव वालों की सतर्कता से शिकार रुका
काउ विजिलेंट अर्पित के मुताबिक, दो युवक बाइक पर एक बैग लेकर जा रहे थे। बैग पर खून के धब्बे देखकर गांव वालों को शक हुआ। उन्होंने युवकों को रोका और बैग खोला, जिसमें मरे हुए पक्षी दिखे। पूछताछ करने पर युवक घबरा गए और भाग गए।
लोकल लोगों और काउ विजिलेंट ने तुरंत बैग और बाइक जब्त कर ली। फिर वे देई थाने गए और पुलिस को इन्फॉर्म किया। फिर घटना की सूचना फॉरेस्ट डिपार्टमेंट को दी गई, जिसने तुरंत एक्शन लिया।
फॉरेस्ट डिपार्टमेंट की जांच शुरू
फॉरेस्ट अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी है। वे पता लगा रहे हैं कि पक्षियों का शिकार कहां किया गया और उनका मकसद क्या था। क्या यह किसी बड़े शिकार ग्रुप का हिस्सा है? मौत का कारण जानने के लिए मरे हुए पक्षियों का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा।
दोषियों के खिलाफ वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और फॉरेस्ट डिपार्टमेंट मिलकर फरार युवकों की तलाश कर रहे हैं। उनकी बाइक और बैग में मिले सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है।
सुरक्षा बढ़ाएं और अपराध रोकें
इस घटना से इलाके में वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। गांव वालों ने प्रशासन से जंगलों में पेट्रोलिंग बढ़ाने और फरार आरोपियों को जल्द पकड़ने की अपील की है ताकि ऐसे अपराध रोके जा सकें। वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर ऐसी घटनाएं बढ़ती रहीं, तो दुर्लभ पक्षियों की प्रजातियां खत्म हो सकती हैं।

