पंजाब कांग्रेस में बढ़ी हलचल: चन्नी गुट की बैठक में 80 नेता पहुंचे, वीडियो में जाने 2027 चुनाव से पहले टूट का खतरा
पंजाब कांग्रेस में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले अंदरूनी खींचतान तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर सांसद चरणजीत सिंह चन्नी की अगुआई वाले बागी गुट की बैठक चंडीगढ़ में चल रही है। यह बैठक कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल की मौजूदगी में पूर्व मंत्री राणा गुरजीत सिंह के आवास पर हो रही है। बैठक के बाद भूपेश बघेल के दिल्ली रवाना होने की संभावना है।
बैठक का समय सुबह 11 बजे रखा गया था, लेकिन भूपेश बघेल करीब सवा घंटे की देरी से पहुंचे। इससे पहले ही चन्नी गुट के कई नेता बैठक स्थल पर पहुंच चुके थे। इस बैठक को पंजाब कांग्रेस के भविष्य और आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
चन्नी बोले- ‘वेट एंड वॉच, हमारा स्टैंड क्लियर है’
बैठक में पहुंचने से पहले चरणजीत चन्नी ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा, “हम मीटिंग में आए हैं। अंदर बैठकर बात करेंगे। तेल देखेंगे, तेल की धार देखेंगे। हमारा स्टैंड क्लियर है- वेट एंड वॉच।”चन्नी के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि अगर भूपेश बघेल की बैठक में कोई ठोस समाधान नहीं निकलता है तो चन्नी गुट आगे कोई बड़ा राजनीतिक कदम उठा सकता है।
हाईकमान ने मांगी थी छोटी बैठक, पहुंचे करीब 80 नेता
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस हाईकमान ने चरणजीत चन्नी को केवल 2-3 नेताओं के साथ बैठक करने के लिए कहा था। हालांकि, इसके बावजूद चन्नी गुट के करीब 80 नेता बैठक स्थल पर पहुंचे। इसे पार्टी के भीतर शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।बागी गुट के इतने बड़े स्तर पर नेताओं के जुटने से पंजाब कांग्रेस में चल रही अंदरूनी नाराजगी खुलकर सामने आ गई है।
चन्नी को CM चेहरा बनाने की उठी मांग
बैठक से पहले ही चन्नी समर्थक नेताओं ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाने की मांग उठा दी है।समर्थकों का तर्क है कि चन्नी पंजाब में मुख्यमंत्री रह चुके हैं और पार्टी के पास उनके रूप में एक अनुभवी चेहरा मौजूद है। वहीं, पार्टी नेतृत्व फिलहाल सभी गुटों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है।
कांग्रेस के सामने चुनौती, चुनाव से पहले गुटबाजी
पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार के बीच कांग्रेस 2027 के चुनाव की तैयारी में जुटी है। ऐसे समय में पार्टी के अंदर गुटबाजी और नेताओं के बीच मतभेद कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती बन सकते हैं।कांग्रेस नेतृत्व की कोशिश है कि चुनाव से पहले संगठन को एकजुट किया जाए और सभी वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर रणनीति तैयार की जाए। अब निगाहें भूपेश बघेल और चन्नी गुट की बैठक के नतीजों पर टिकी हैं।अगर बातचीत से कोई समाधान नहीं निकलता है तो पंजाब कांग्रेस में राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

