पाकिस्तान में सिख पत्रकार हरमीत सिंह के डिजिटल स्टूडियो पर पुलिस कार्रवाई का आरोप, वीडियो में बोले- पत्रकारिता के संसाधन छीने गए
पाकिस्तान में सिख समुदाय से आने वाले पहले टेलीविजन एंकर और पत्रकार के तौर पर पहचान बनाने वाले हरमीत सिंह के डिजिटल स्टूडियो पर इस्लामाबाद पुलिस की कथित कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हरमीत सिंह ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उनके स्टूडियो में छापेमारी की, कर्मचारियों को हिरासत में लिया और उनके साथ कथित तौर पर मारपीट भी की गई।हरमीत सिंह ने एक वीडियो जारी कर पूरी घटना की जानकारी दी। उन्होंने दावा किया कि करीब दो दिन पहले पुलिस उनके डिजिटल स्टूडियो में पहुंची थी। इस दौरान वहां काम कर रहे कर्मचारियों को हिरासत में लिया गया और स्टूडियो से सामान भी ले जाया गया।
नौकरी जाने के बाद जमा पूंजी से बनाया था डिजिटल स्टूडियो
हरमीत सिंह ने पाकिस्तान सरकार, पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था पर आरोप लगाते हुए कहा कि टीवी से प्रतिबंध और नौकरी जाने के बाद उन्होंने अपनी जमा-पूंजी लगाकर यह डिजिटल स्टूडियो शुरू किया था।उन्होंने कहा कि पत्रकारिता जारी रखने के लिए उन्होंने अपनी मेहनत से एक नया मंच तैयार किया था, लेकिन अब कार्रवाई के बाद उनके पास न तो नौकरी बची है और न ही पत्रकारिता के लिए जरूरी संसाधन।हरमीत सिंह ने सवाल उठाया कि अगर पत्रकारों को काम करने के लिए स्वतंत्र माहौल नहीं मिलेगा तो वे अपनी आवाज कैसे उठा पाएंगे।
पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं
हरमीत सिंह के आरोपों के बाद अभी तक इस मामले में इस्लामाबाद पुलिस या प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।ऐसे में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पुलिस ने किस आधार पर कार्रवाई की और स्टूडियो से सामान ले जाने के आरोपों पर प्रशासन का क्या पक्ष है।
पाकिस्तान में सिख समुदाय से आते हैं हरमीत सिंह
हरमीत सिंह पाकिस्तान के सिख समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने पाकिस्तान के मीडिया जगत में अपनी अलग पहचान बनाई है। वह देश के पहले सिख टेलीविजन एंकर और पत्रकार के रूप में जाने जाते हैं।उनका परिवार 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय पाकिस्तान में रह गया था। हालांकि, उनके कई रिश्तेदार आज भी भारतीय पंजाब में रहते हैं।
अल्पसंख्यक पत्रकारों की स्थिति पर उठे सवाल
हरमीत सिंह के मामले के बाद पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े पत्रकारों की स्थिति और मीडिया स्वतंत्रता को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है।पत्रकारिता के क्षेत्र में काम करने वाले लोगों का कहना है कि मीडिया संस्थानों और स्वतंत्र पत्रकारों को काम करने के लिए सुरक्षित और निष्पक्ष माहौल मिलना जरूरी है।फिलहाल हरमीत सिंह के आरोपों पर पुलिस के जवाब का इंतजार है। आने वाले समय में इस मामले की जांच और प्रशासन की प्रतिक्रिया से ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

