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निहंग जसदीप सिंह की पिटाई का दूसरा वीडियो वायरल: जंजीरों से बांधकर डंडों से मारने का दावा, बुड्ढा दल ने जारी किया वीडियो

निहंग जसदीप सिंह की पिटाई का दूसरा वीडियो वायरल: जंजीरों से बांधकर डंडों से मारने का दावा, बुड्ढा दल ने जारी किया वीडियो

पंजाब में निहंग जसदीप सिंह से जुड़े विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। अश्लील फोटो सामने आने और हाल ही में एक पॉडकास्ट में दिए गए कथित बयानों के बाद कार्रवाई को लेकर बुड्ढा दल की ओर से एक और वीडियो जारी किया गया है। इस वीडियो में कुछ निहंग जसदीप सिंह को जंजीरों से बांधकर डंडों से पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं।वीडियो सामने आने के बाद मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, वीडियो की सत्यता और इसमें दिखाई दे रही घटना की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

वीडियो में डंडों से पिटाई का दावा

सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में दावा किया जा रहा है कि जसदीप सिंह को सजा के तौर पर पीटा गया। वीडियो में उन्हें बांधकर रखा गया है और कुछ लोग उन पर डंडे बरसा रहे हैं।बताया जा रहा है कि हर डंडा पड़ने के दौरान उनसे "वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह" का जयकारा लगाने को कहा जा रहा था। वीडियो में एक व्यक्ति दर्द के कारण "हाय बाबा जी" कहते हुए भी सुनाई दे रहा है।

दावे के मुताबिक, इस दौरान उनके सिर, पीठ और पैरों पर डंडे मारे गए।

दोआबा जोन के जत्थेदार ने साझा किया वीडियो

यह वीडियो बुड्ढा दल के दोआबा जोन के जत्थेदार मान सिंह की ओर से सोशल मीडिया पर साझा किया गया है। मान सिंह ने दावा किया कि पहले सुनाई गई सजा के दौरान जसदीप सिंह बीच में ही वहां से चले गए थे।उन्होंने कहा कि जसदीप सिंह को अब तक किसी प्रकार की माफी नहीं दी गई थी। उनके अनुसार, उन्हें केवल यह कहा गया था कि वे पंथ में रहकर सेवा करें।

पॉडकास्ट और कथित कुकर्म को लेकर कार्रवाई का दावा

मान सिंह ने कहा कि पॉडकास्ट करने वाले व्यक्ति को यह समझना चाहिए कि धार्मिक मर्यादा और पंथ के नियमों के उल्लंघन के क्या परिणाम हो सकते हैं।उन्होंने दावा किया कि जसदीप सिंह को पॉडकास्ट और अन्य कथित गतिविधियों को लेकर सजा दी गई है। हालांकि, इस पूरे मामले में संबंधित पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं।

वीडियो सामने आने के बाद उठे सवाल

जसदीप सिंह की कथित पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई सवाल उठ रहे हैं। लोग कानून व्यवस्था और इस तरह की सजा देने के तरीके को लेकर चर्चा कर रहे हैं।वहीं, मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि यह कार्रवाई धार्मिक अनुशासन के तहत की गई है। हालांकि, किसी भी व्यक्ति के साथ मारपीट और मानवाधिकार से जुड़े पहलुओं को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल इस मामले में प्रशासन या पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वीडियो की जांच और पूरे घटनाक्रम की वास्तविकता सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी

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