कनाडा में पंजाबी छात्रों का दर्द छलका, PGWP रिजेक्शन के खिलाफ 3 हफ्तों से प्रदर्शन; वीडियो में बोले- लाखों रुपये और सपने दोनों टूट गए
कनाडा के पोर्टाज कॉलेज में पढ़ रहे बड़ी संख्या में पंजाबी छात्र इन दिनों पोस्ट ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) के रिजेक्शन के खिलाफ लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि वे पिछले तीन सप्ताह से सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का कोई समाधान नहीं निकला है। उनका आरोप है कि कॉलेज ने दाखिले के समय उन्हें वर्क परमिट मिलने और डिग्री की वैधता का भरोसा दिया था, लेकिन पढ़ाई पूरी होने के बाद बड़ी संख्या में उनके आवेदन खारिज कर दिए गए।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने दावा किया कि हालिया आंकड़ों के अनुसार करीब 485 PGWP आवेदन रिजेक्ट किए गए हैं, जबकि 50 से भी कम छात्रों को मंजूरी मिली है। छात्रों का कहना है कि इस स्थिति ने उनके भविष्य को संकट में डाल दिया है और अब उन्हें कनाडा छोड़ने के लिए कहा जा रहा है।पंजाब की एक छात्रा ने अपनी आपबीती साझा करते हुए कहा कि उसके परिवार और ससुराल वालों ने उसे विदेश भेजने के लिए जमीन तक बेच दी थी। उसने बताया कि उसकी पढ़ाई पर 22 से 25 लाख रुपये खर्च हुए, लेकिन अब भविष्य पूरी तरह अनिश्चित हो गया है।
छात्रा ने कहा, "हालात इतने खराब हैं कि किराया मांगकर भरना पड़ रहा है। मैं तीन दिन तक भूखी रही। कई हफ्तों से आटा तक नहीं खरीद पाई। अब समझ नहीं आता कि घरवालों और ससुराल वालों को क्या जवाब दूं। जो लोग सोचते हैं कि कनाडा में सिर्फ खुशहाली है, उन्हें यहां की सच्चाई भी देखनी चाहिए।"
एक अन्य छात्रा ने बताया कि वर्क परमिट की प्रक्रिया के कारण वह अपने दादा के निधन पर भी भारत नहीं आ सकी। अब जब आवेदन खारिज हो गया है, तो उसे समझ नहीं आ रहा कि परिवार को क्या बताए। अपनी बात कहते-कहते वह भावुक होकर रो पड़ी।एक अन्य मामले में एक छात्रा ने बताया कि वह पिता के निधन के कारण एक वर्ष पहले भारत गई थी। वापस कनाडा लौटने के बाद उसके वर्क परमिट आवेदन को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया गया कि उसकी एंट्री निर्धारित समयसीमा के अनुरूप नहीं थी। छात्रा का कहना है कि इस फैसले ने उसके भविष्य पर गंभीर असर डाला है।
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि कॉलेज ने दाखिले के समय जो आश्वासन दिए थे, वे अब पूरे नहीं हो रहे हैं। वहीं, इस मामले में कॉलेज और कनाडा के आव्रजन विभाग की ओर से क्या आधिकारिक जवाब दिया गया है, यह स्पष्ट नहीं है।फिलहाल छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं और संबंधित अधिकारियों से मामले की समीक्षा कर राहत देने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने अपनी पढ़ाई और भविष्य के लिए बड़ी आर्थिक कीमत चुकाई है, इसलिए उनकी समस्याओं का न्यायपूर्ण समाधान निकाला जाना चाहिए।

