Punjab Congress Crisis: चन्नी-रंधावा गुट से भूपेश बघेल की अहम बैठक आज, राजा वड़िंग रहेंगे दूर
पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी कलह को खत्म करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में 11 जुलाई को सुबह 11 बजे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव और पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल तथा पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के गुट के बीच अहम बैठक होने जा रही है।
यह बैठक कांग्रेस भवन में नहीं, बल्कि चंडीगढ़ सेक्टर-4 स्थित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और विधायक राणा गुरजीत सिंह के आवास पर आयोजित की जाएगी। इस बैठक को पंजाब कांग्रेस में चल रही खींचतान को सुलझाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
चन्नी-रंधावा गुट की शर्तों पर बनी सहमति
सूत्रों के मुताबिक, चन्नी-रंधावा गुट ने भूपेश बघेल के साथ मुलाकात के लिए कुछ शर्तें रखी थीं। इनमें प्रमुख मांग थी कि बैठक में उनकी बात को स्वतंत्र रूप से सुना जाए और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को इस बातचीत से दूर रखा जाए।
बताया जा रहा है कि इन शर्तों को स्वीकार कर लिया गया है। यही वजह है कि बैठक में राजा वड़िंग की मौजूदगी नहीं होगी।
नेतृत्व को लेकर बढ़ा विवाद
पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ समय से प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग के नेतृत्व को लेकर मतभेद सामने आ रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा का गुट लगातार संगठन में बदलाव की मांग कर रहा है।
चन्नी गुट का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी को मजबूत नेतृत्व और सभी वरिष्ठ नेताओं को साथ लेकर चलने वाली रणनीति की जरूरत है।
आलाकमान तक पहुंची नेताओं की नाराजगी
पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति को लेकर पार्टी हाईकमान को लगातार रिपोर्ट मिल रही हैं। कांग्रेस नेतृत्व चाहता है कि चुनाव से पहले राज्य इकाई में एकजुटता कायम की जाए ताकि पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच भ्रम की स्थिति खत्म हो।
भूपेश बघेल की यह बैठक इसी दिशा में एक प्रयास मानी जा रही है।
बैठक पर टिकी राजनीतिक नजरें
इस बैठक में चन्नी-रंधावा गुट अपनी मांगों और सुझावों को पंजाब प्रभारी के सामने रखेगा। वहीं, भूपेश बघेल की कोशिश होगी कि सभी गुटों के बीच सहमति बनाकर संगठन को मजबूत किया जाए।
अब देखना होगा कि इस बैठक के बाद पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या पार्टी में चल रहा विवाद खत्म हो पाता है या नहीं।

