61 साल की उम्र में 10वीं पास कर बनीं मिसाल: जालंधर की नरेंद्र कौर ने बढ़ाया हौसला, शिक्षा के लिए नहीं होती उम्र की सीमा
जालंधर से एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जहां 61 वर्षीय नरेंद्र कौर ने दसवीं कक्षा की परीक्षा पास कर समाज के सामने एक नई मिसाल पेश की है। दो पोतों की दादी होने के बावजूद उन्होंने यह साबित कर दिया कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती।
नरेंद्र कौर ने शहीद भाई तारा सिंह खालसा ओपन स्कूल से 10वीं की परीक्षा उत्तीर्ण की है। उनकी इस उपलब्धि ने न सिर्फ उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र को गर्व से भर दिया है।
जानकारी के अनुसार, नरेंद्र कौर ने वर्षों पहले किसी कारणवश अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी, लेकिन शिक्षा के प्रति उनका जुनून कभी कम नहीं हुआ। उन्होंने दोबारा पढ़ाई शुरू करने का फैसला लिया और मेहनत तथा लगन के साथ परीक्षा की तैयारी की।
परिणाम आने के बाद जब उन्हें सफलता मिली, तो परिवार में खुशी का माहौल बन गया। उनके पोतों ने भी दादी की इस उपलब्धि पर गर्व जताया और कहा कि वह उनके लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नरेंद्र कौर की यह उपलब्धि समाज में खासकर महिलाओं के लिए एक मजबूत संदेश देती है कि किसी भी उम्र में शिक्षा हासिल की जा सकती है। उनकी कहानी यह भी दर्शाती है कि अगर इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता।
शिक्षा विशेषज्ञों ने भी उनकी इस उपलब्धि की सराहना की है और कहा है कि ओपन स्कूल जैसी व्यवस्थाएं उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी हैं, जिन्होंने किसी कारणवश अपनी पढ़ाई अधूरी छोड़ दी थी।
पंजाब में उनकी इस सफलता की खूब चर्चा हो रही है और लोग उन्हें “प्रेरणादायक छात्रा” के रूप में देख रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी उनकी कहानी तेजी से वायरल हो रही है और लोग उनकी मेहनत को सलाम कर रहे हैं।
नरेंद्र कौर की यह उपलब्धि यह साबित करती है कि शिक्षा केवल युवाओं की नहीं, बल्कि हर उम्र के व्यक्ति की जरूरत और अधिकार है।

