पंजाब कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी कलह: बागी नेताओं ने भूपेश बघेल के सामने खोला मोर्चा, वीडियो में देंखे राजा वड़िंग के इस्तीफे की उठी मांग
पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आ गई है। पार्टी के राज्य प्रभारी भूपेश बघेल ने शनिवार को चंडीगढ़ में बागी गुट के नेताओं के साथ करीब दो घंटे तक बैठक की। बैठक के दौरान माहौल काफी गर्म रहा और नेताओं ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व पर खुलकर सवाल उठाए। बागी गुट ने स्पष्ट कर दिया कि वह मौजूदा नेतृत्व में काम करने को तैयार नहीं है।
बैठक में शामिल तीन सांसदों और नौ विधायकों वाले गुट ने प्रदेश संगठन में बदलाव की मांग दोहराई। नेताओं का कहना था कि मौजूदा नेतृत्व में पार्टी को मजबूती नहीं मिल रही है और संगठन लगातार कमजोर हो रहा है।
चन्नी बोले- पार्टी हित में राजा वड़िंग दें इस्तीफा
बैठक के दौरान पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि कांग्रेस के हित को देखते हुए राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उनका कहना था कि संगठन को मजबूत करने के लिए नए नेतृत्व की जरूरत है और पार्टी को ऐसे फैसले लेने चाहिए जो कार्यकर्ताओं का विश्वास बढ़ाएं।
रंधावा का तीखा हमला
कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी प्रदेश नेतृत्व पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पार्टी को ऐसा अध्यक्ष नहीं चाहिए जो कांग्रेस को कमजोर करे। रंधावा ने कहा कि कांग्रेस को एक मजबूत, बेबाक और प्रभावी नेता की जरूरत है, जो पार्टी की बात मजबूती से रख सके। उन्होंने मौजूदा नेतृत्व पर समझौता करने वाली राजनीति का आरोप भी लगाया।
नेताओं ने उठाए संगठन से जुड़े कई सवाल
बैठक के दौरान बागी नेताओं ने प्रदेश कांग्रेस की कार्यशैली, संगठनात्मक फैसलों और चुनावी रणनीति को लेकर कई सवाल उठाए। नेताओं का कहना था कि संगठन में कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है और कई निर्णय बिना व्यापक चर्चा के लिए जा रहे हैं। उन्होंने पार्टी को फिर से मजबूत करने के लिए संगठनात्मक बदलाव की मांग की।
भूपेश बघेल ने सुनी सभी की बात
राज्य प्रभारी भूपेश बघेल ने बैठक के दौरान सभी नेताओं की बातें ध्यान से सुनीं और उन्हें भरोसा दिलाया कि उनकी चिंताओं और सुझावों को कांग्रेस हाईकमान तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने नेताओं से संयम बनाए रखने और पार्टी की एकजुटता कायम रखने की भी अपील की।
प्रताप बाजवा ने भी की समीक्षा की मांग
बैठक के बाद पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए कांग्रेस हाईकमान को प्रदेश नेतृत्व से जुड़े अपने फैसले की समीक्षा करनी चाहिए। उनका मानना है कि संगठन को मजबूत करने के लिए समय रहते उचित निर्णय लेना जरूरी है।
पंजाब कांग्रेस में बढ़ती गुटबाजी ने पार्टी नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। अब सभी की नजर कांग्रेस हाईकमान पर टिकी है कि वह बागी नेताओं की मांगों पर क्या फैसला लेता है और प्रदेश संगठन में किसी बड़े बदलाव की घोषणा होती है या नहीं।

