पठानकोट में पाकिस्तान सीमा से भारी हथियार बरामद, बब्बर खालसा के आतंकियों के संबंध की आशंका
पंजाब के जिला पठानकोट में पुलिस ने पाकिस्तान की सीमा से सटे खेतों से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि यह हथियार आतंकी संगठन बब्बर खालसा के सदस्य हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा के माध्यम से भेजे गए थे। आरोप है कि रिंदा ISI के इशारे पर पंजाब का माहौल खराब करने के लिए इन असलहों को भेज रहा था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बरामद हथियारों में तीन AK-47, पांच मैगजीन, तुर्की और चीन निर्मित एक-एक पिस्तौल, दो अतिरिक्त मैगजीन और 98 कारतूस शामिल हैं। इस बड़ी सफलता के बाद पुलिस ने इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी है और आतंकवादियों की संभावित गतिविधियों पर नजर बनाए रखी है।
पठानकोट पुलिस कमिश्नर ने बताया कि हथियार बरामदगी के बाद तुरंत जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि रिंदा की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के प्रयास चल रहे हैं। पुलिस ने इस मामले को सैन्य और केंद्र सरकार की एजेंसियों के साथ साझा किया है ताकि आतंकवाद के खतरे को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान से पंजाब में हथियार भेजना एक गंभीर सुरक्षा चुनौती है। उन्होंने बताया कि बॉर्डर के नजदीकी इलाके हमेशा आतंकियों के लिए प्रवेश मार्ग का काम करते हैं। ऐसे मामलों में स्थानीय पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के बीच सुरक्षा और निगरानी की मजबूती बेहद जरूरी है।
इससे पहले भी पठानकोट और अन्य सीमावर्ती जिलों में बार-बार आतंकवाद और हथियारों की तस्करी की घटनाएँ सामने आई हैं। अधिकारी इस बार की बरामदगी को बड़ी सफलता मान रहे हैं क्योंकि यह संभावित आतंकवादी हमलों को रोकने में मददगार साबित हो सकती है।
पुलिस ने स्थानीय किसानों और ग्रामीणों से अपील की है कि यदि उन्हें संदिग्ध गतिविधियाँ या असामान्य रूप से खड़ा सामान दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाके में किसी भी प्रकार की लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है।
इस बरामदगी ने राज्य में सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता और सतर्कता को उजागर किया है। अधिकारी मानते हैं कि पंजाब में आतंकवाद के खतरे को रोकने के लिए स्थानीय पुलिस, केंद्रीय एजेंसियों और नागरिकों के सहयोग की आवश्यकता है।
विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि इस मामले की जांच से ISI और बब्बर खालसा जैसे आतंकवादी संगठनों के नेटवर्क की भी जानकारी सामने आ सकती है। इससे राज्य और केंद्र को आगामी रणनीति बनाने में मदद मिलेगी और संभावित हमलों को रोकने में सहयोग मिलेगा।
इस प्रकार, पठानकोट में पाकिस्तान की सीमा से हथियारों की बरामदगी न केवल पंजाब की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि पूरे देश में आतंकवाद और हथियार तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

