दुर्ग्याणा मंदिर में पंजाबी गाने पर बनाई रील, वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद
पंजाब के अमृतसर स्थित प्रसिद्ध दुर्ग्याणा मंदिर परिसर में एक युवक-युवती द्वारा पंजाबी गाने पर रील बनाने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हिंदू संगठनों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
मंदिर परिसर में डांस करते दिखा जोड़ा
वायरल वीडियो में एक युवक और युवती दुर्ग्याणा मंदिर की परिक्रमा मार्ग में डांस करते नजर आ रहे हैं। वीडियो के बैकग्राउंड में पंजाबी गीत "नी तू दिल लैजा मितरां दा" बज रहा है। रील तैयार करने के बाद इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया, जहां से यह तेजी से वायरल हो गई।
हिंदू संगठनों ने जताई नाराजगी
वीडियो सामने आने के बाद कई हिंदू संगठनों ने इसे धार्मिक स्थल की मर्यादा के खिलाफ बताया है। संगठनों का कहना है कि मंदिर जैसे पवित्र स्थानों का उपयोग मनोरंजन या सोशल मीडिया कंटेंट बनाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि रील बनाने वाले युवक-युवती की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की तो वे दुर्ग्याणा मंदिर कमेटी के कार्यालय के बाहर मरणव्रत (अनशन) शुरू करेंगे।संगठनों का कहना है कि धार्मिक स्थलों की गरिमा बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाना जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
सोशल मीडिया पर बंटी राय
वीडियो को लेकर सोशल Media पर भी बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे अनुचित बताते हुए धार्मिक भावनाओं से जोड़ रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि मामले को लेकर संतुलित दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। हालांकि, अधिकांश प्रतिक्रियाओं में धार्मिक स्थलों पर कंटेंट निर्माण के तौर-तरीकों को लेकर चर्चा देखने को मिल रही है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल इस मामले में प्रशासन या दुर्ग्याणा मंदिर प्रबंधन की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, वायरल वीडियो की जांच और उससे जुड़े तथ्यों की पड़ताल किए जाने की संभावना जताई जा रही है। मामले ने एक बार फिर धार्मिक स्थलों पर सोशल मीडिया रील और वीडियो शूटिंग को लेकर नियमों तथा मर्यादाओं पर बहस छेड़ दी है।

