गोल्डन टेंपल के सरोवर में कुल्ला करने के मामले में विवाद जारी, फुटेज में देंखे निहंग सिख पहुंचे गाजियाबाद, पुलिस में शिकायत
पंजाब के अमृतसर स्थित सिखों के पवित्र स्थल स्वर्ण मंदिर (गोल्डन टेंपल) के सरोवर में कुल्ला करने वाले मुस्लिम युवक सुब्हान रंगरीज को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। सोशल मीडिया पर युवक द्वारा माफी मांगे जाने के बावजूद सिख समुदाय में नाराजगी कम नहीं हुई है। अब यह मामला पंजाब से निकलकर उत्तर प्रदेश तक पहुंच गया है। इसी सिलसिले में कुछ निहंग सिख उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद पहुंचे और युवक के खिलाफ स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई है।
निहंग सिखों का कहना है कि युवक द्वारा की गई हरकत सिख धर्म की मर्यादा और धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाने वाली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वर्ण मंदिर और उसका सरोवर सिखों के लिए अत्यंत पवित्र स्थान है, जहां किसी भी प्रकार की असम्मानजनक गतिविधि को स्वीकार नहीं किया जा सकता। निहंग सिखों ने कहा कि इस मामले को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए, क्योंकि इससे समाज में गलत संदेश जा सकता है।
गाजियाबाद पहुंचे निहंग सिखों ने पुलिस को बताया कि सिख समुदाय पर अक्सर कानून अपने हाथ में लेने के आरोप लगाए जाते हैं। इसी वजह से उन्होंने किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से पहले कानून का रास्ता चुना है। उन्होंने कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से न्याय चाहते हैं और इसलिए सबसे पहले पुलिस के पास शिकायत दर्ज करवाई गई है। निहंग सिखों का कहना है कि उनके पास युवक से जुड़ी पूरी जानकारी मौजूद है और वे जांच में पुलिस को पूरा सहयोग देने के लिए तैयार हैं।
निहंग सिखों ने यह भी मांग की है कि युवक सुब्हान रंगरीज सार्वजनिक रूप से सामने आए और सिख मर्यादा के अनुसार माफी मांगे। उनका कहना है कि सोशल मीडिया पर माफी मांगना पर्याप्त नहीं है, क्योंकि जिस स्थान पर यह कृत्य किया गया, वह सिखों की आस्था का केंद्र है। ऐसे में माफी भी उसी मर्यादा और सम्मान के साथ मांगी जानी चाहिए, जैसा सिख परंपरा में माना जाता है।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें युवक को गोल्डन टेंपल के पवित्र सरोवर में कुल्ला करते हुए देखा गया था। वीडियो सामने आने के बाद सिख समुदाय में भारी आक्रोश फैल गया था। इसके बाद युवक ने सोशल मीडिया के जरिए माफी मांगते हुए कहा था कि उसका किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का इरादा नहीं था और उससे अनजाने में गलती हो गई।
हालांकि, सिख संगठनों का कहना है कि धार्मिक स्थलों पर इस तरह की गतिविधियों को “अनजाने में हुई गलती” कहकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनका मानना है कि ऐसे मामलों में सख्त संदेश देना जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने की हिम्मत न करे।
फिलहाल गाजियाबाद पुलिस ने निहंग सिखों की शिकायत को दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी। वहीं, इस पूरे मामले पर सिख और मुस्लिम समुदाय के जिम्मेदार लोग भी नजर बनाए हुए हैं, ताकि स्थिति और न बिगड़े।
यह विवाद अब केवल एक व्यक्ति की गलती तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि धार्मिक सम्मान, मर्यादा और कानून के दायरे में न्याय की मांग से जुड़ गया है। आने वाले दिनों में पुलिस जांच और समुदायों की प्रतिक्रिया इस मामले की दिशा तय करेगी।

