Samachar Nama
×

पंजाब कांग्रेस की कलह पर भूपेश बघेल का बड़ा बयान: ‘अध्यक्ष बदलना गुड्डा-गुड्डी का खेल नहीं’, आलाकमान के फैसले पर कायम रहने के संकेत

पंजाब कांग्रेस की कलह पर भूपेश बघेल का बड़ा बयान: ‘अध्यक्ष बदलना गुड्डा-गुड्डी का खेल नहीं’, आलाकमान के फैसले पर कायम रहने के संकेत

पंजाब कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल ने बड़ा बयान दिया है। संगठन और प्रदेश अध्यक्ष को लेकर उठ रही मांगों पर प्रतिक्रिया देते हुए बघेल ने साफ कहा कि अध्यक्ष बदलना कोई आसान प्रक्रिया नहीं है। उन्होंने कहा कि यह कोई “गुड्डा-गुड्डी का खेल नहीं” है कि जब मन किया और पद बदल दिया। उनके इस बयान के बाद पंजाब कांग्रेस की सियासत और गरमा गई है।

भूपेश बघेल ने संकेत दिए हैं कि कांग्रेस आलाकमान द्वारा लिए गए फैसले में फिलहाल बदलाव की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी में संगठनात्मक फैसले सोच-विचार और कई स्तरों पर चर्चा के बाद लिए जाते हैं। ऐसे में किसी भी निर्णय को अचानक बदलना संभव नहीं होता।

दरअसल, पंजाब कांग्रेस में पिछले कुछ समय से प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को लेकर पार्टी के भीतर मतभेद की खबरें सामने आ रही हैं। कुछ वरिष्ठ नेता संगठन में बदलाव की मांग कर रहे हैं और उनका मानना है कि चुनाव से पहले नई रणनीति के तहत नेतृत्व में परिवर्तन किया जाना चाहिए। वहीं, कांग्रेस आलाकमान ने राजा वडिंग पर भरोसा कायम रखते हुए उन्हें पद पर बनाए रखने का फैसला किया है।

इस फैसले से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा गुट के नाराज होने की चर्चा है। माना जा रहा है कि कुछ नेता संगठन में अपनी भूमिका और जिम्मेदारियों को लेकर असंतुष्ट हैं। हालांकि, पार्टी नेतृत्व लगातार सभी नेताओं को साथ लेकर चलने की कोशिश कर रहा है।

भूपेश बघेल ने पार्टी नेताओं को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि संगठन के फैसले सामूहिक प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं और सभी को पार्टी के निर्णयों का सम्मान करना चाहिए। उनका कहना है कि चुनाव से पहले सबसे जरूरी है कि कांग्रेस एकजुट होकर मैदान में उतरे और कार्यकर्ताओं के बीच सकारात्मक संदेश जाए।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भूपेश बघेल का यह बयान सीधे तौर पर उन नेताओं के लिए संदेश है, जो प्रदेश अध्यक्ष बदलने की मांग कर रहे हैं। कांग्रेस नेतृत्व फिलहाल किसी भी तरह के दबाव में आकर बदलाव करने के मूड में नहीं दिख रहा है।

पंजाब कांग्रेस के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती अंदरूनी गुटबाजी को खत्म करना है। पार्टी अगर चुनाव से पहले नेताओं के बीच तालमेल बनाने में सफल रहती है तो इसका फायदा संगठन को मिल सकता है। लेकिन अगर वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेद जारी रहे तो इसका असर चुनावी रणनीति पर पड़ सकता है।

फिलहाल भूपेश बघेल के बयान से यह साफ हो गया है कि कांग्रेस आलाकमान राजा वडिंग को लेकर अपने फैसले पर कायम है। अब देखना होगा कि नाराज चल रहे नेता पार्टी के इस फैसले को स्वीकार करते हैं या आने वाले दिनों में पंजाब कांग्रेस की राजनीति में कोई नया मोड़ देखने को मिलता है।

Share this story

Tags