Samachar Nama
×

पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर घमासान, वीडियो में भूपेश बघेल बोले- 'कांग्रेस में सब ठीक है'; हाईकमान को सौंपेंगे ग्राउंड रिपोर्ट

पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व को लेकर घमासान, वीडियो में भूपेश बघेल बोले- 'कांग्रेस में सब ठीक है'; हाईकमान को सौंपेंगे ग्राउंड रिपोर्ट

पंजाब कांग्रेस में विधानसभा चुनाव से पहले नेतृत्व को लेकर जारी अंदरूनी खींचतान के बीच प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने पार्टी में किसी तरह के संकट से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब दौरे के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं से बातचीत के बाद उनकी रिपोर्ट कांग्रेस हाईकमान को सौंप दी गई है। इसके बाद वरिष्ठ नेताओं को दिल्ली बुलाकर चर्चा भी की गई। भूपेश बघेल ने कहा, "मैं यहां नेताओं से मिलकर गया था और अपनी रिपोर्ट हाईकमान को सौंपी। इसके बाद हमारे वरिष्ठ नेताओं को बुलाया गया। चन्नी साहिब ने के.सी. वेणुगोपाल से मुलाकात के बाद स्पष्ट कहा कि राहुल गांधी हमारे नेता हैं और हम उनके नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे। कांग्रेस में ऑल इज वेल।"

चन्नी के भाई को बैठक में नहीं बुलाने पर दिया जवाब

पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के भाई डॉ. मनोहर सिंह को बैठक में शामिल नहीं किए जाने पर उठे सवालों का जवाब देते हुए बघेल ने कहा कि जो लोग कांग्रेस का हिस्सा नहीं हैं, उन्हें बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया। उन्होंने याद दिलाया कि डॉ. मनोहर सिंह पिछला विधानसभा चुनाव निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लड़े थे।

चन्नी के बेटे की पोस्ट पर राजा वड़िंग की प्रतिक्रिया

चन्नी के बेटे द्वारा सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट को लेकर भी राजनीतिक चर्चाएं तेज हैं। इस पर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा, "वह हमारा भी बेटा है, हमारा अजीज है। वह एक युवा लड़का है।" उनके इस बयान को विवाद को शांत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

चन्नी और वड़िंग गुट के बीच बढ़ी सियासी खींचतान

पंजाब कांग्रेस में फिलहाल दो प्रमुख गुट सक्रिय नजर आ रहे हैं। एक ओर पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी का गुट है, जबकि दूसरी ओर प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग का खेमा। दोनों ही पक्ष कांग्रेस हाईकमान के सामने अपनी राजनीतिक पकड़ और जनाधार को मजबूत साबित करने की कोशिश में जुटे हैं।सूत्रों के मुताबिक, चन्नी समर्थकों का मानना है कि राजा वड़िंग के नेतृत्व में कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव नहीं जीत सकती, इसलिए उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाया जाना चाहिए। वहीं, वड़िंग समर्थक अपने संगठनात्मक कार्यों और जनसंपर्क अभियान के आधार पर नेतृत्व बनाए रखने की दावेदारी कर रहे हैं।

नौ दिन के पंजाब दौरे पर हैं भूपेश बघेल

इसी राजनीतिक खींचतान के बीच कांग्रेस हाईकमान ने प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल को नौ दिन के पंजाब दौरे पर भेजा है। इस दौरान वे बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर संगठन की स्थिति, नेताओं की लोकप्रियता और जनता के बीच पार्टी की पकड़ का आकलन करेंगे।बघेल का उद्देश्य यह जानना है कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ता और मतदाता चरणजीत सिंह चन्नी और राजा वड़िंग में से किसे अधिक प्रभावशाली नेता मानते हैं। इस फीडबैक के आधार पर वे विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर कांग्रेस हाईकमान को सौंपेंगे।

सरहिंद से शुरू हुआ फीडबैक अभियान

भूपेश बघेल ने अपने दौरे की शुरुआत फतेहगढ़ साहिब जिले के सरहिंद से की है। आगामी दिनों में वे प्रदेश के विभिन्न जिलों में पार्टी नेताओं, कार्यकर्ताओं और स्थानीय पदाधिकारियों से मुलाकात करेंगे। माना जा रहा है कि उनकी रिपोर्ट के आधार पर पंजाब कांग्रेस के संगठन और नेतृत्व को लेकर आगे महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर चल रही यह कवायद आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।

Share this story

Tags