पंजाब में नशा विरोधी कार्यकर्ता झोटा की हत्या का आरोपी गिरफ्तार, वीडियो में जाने राजस्थान के सालासर से पकड़ा गया; घर और मेडिकल स्टोर पर बुलडोजर चला
पंजाब के मानसा में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी केमिस्ट अश्विनी कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी को राजस्थान के सालासर से पकड़ा गया। आरोप है कि अश्विनी ने मंगलवार को फेसबुक लाइव के दौरान झोटा को तीन गोलियां मारी थीं। घटना के बाद मानसा में तनाव का माहौल है। प्रशासन ने आरोपी के घर और मेडिकल स्टोर को बुलडोजर से गिरा दिया। वहीं, हत्या से नाराज सिख संगठनों ने बाजार बंद कराए और मृतक के परिजन अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़े हैं।
फेसबुक लाइव के दौरान मारी थीं तीन गोलियां
जानकारी के मुताबिक, परविंदर सिंह झोटा नशे के खिलाफ सक्रिय रूप से अभियान चला रहे थे। मंगलवार को उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि केमिस्ट अश्विनी कुमार ने फेसबुक लाइव के दौरान उन्हें तीन गोलियां मारीं।घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी की तलाश की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अश्विनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, गिरफ्तारी और घटनाक्रम से जुड़े विस्तृत आधिकारिक तथ्यों की पुष्टि पुलिस के बयान से होनी बाकी है।
आरोपी के घर और मेडिकल स्टोर पर बुलडोजर कार्रवाई
मानसा प्रशासन ने पुलिस बल की निगरानी में आरोपी अश्विनी कुमार के घर को बुलडोजर से गिरा दिया। उसके मेडिकल स्टोर को भी तोड़ दिया गया। बताया गया है कि मेडिकल स्टोर में लोगों ने तोड़फोड़ की और आग भी लगा दी।इस कार्रवाई के बीच इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया। ऐसी कार्रवाई के संबंध में प्रशासनिक आदेश और कानूनी आधार का स्पष्ट होना भी महत्वपूर्ण है।
सिख संगठनों ने बाजार बंद कराए, परिवार की CBI जांच की मांग
परविंदर सिंह झोटा की हत्या से नाराज सिख संगठनों ने मानसा में बाजार बंद कराए। मृतक के परिजन अंतिम संस्कार करने से इनकार कर रहे हैं। उनकी मांग है कि मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराई जाए।परिवार ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। परिवार का कहना है कि मामले में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।
NHRC ने मांगी रिपोर्ट
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मामले का संज्ञान लिया है। आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव और DGP से रिपोर्ट मांगी है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब हत्या के बाद आरोपी के खिलाफ कार्रवाई और प्रशासनिक कदमों को लेकर मामला चर्चा में है।पुलिस ने मृतक के पिता भीम सिंह के बयान के आधार पर अश्विनी कुमार और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। मामले में सभी आरोपों और अन्य लोगों की संभावित भूमिका की जांच की जा रही है।
हत्या के 28 घंटे बाद CM भगवंत मान का बयान
घटना के करीब 28 घंटे बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वीडियो जारी कर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री के बयान के बाद अब पुलिस जांच और परिवार की मांगों पर सरकार की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।फिलहाल, आरोपी की गिरफ्तारी के बावजूद मामला कई मोर्चों पर आगे ढ़ रहा है। परिवार CBI जांच और जवाबदेही की मांग कर रहा है, जबकि NHRC ने अधिकारियों से रिपोर्ट तलब की है। मामले में जांच के निष्कर्ष और प्रशासन की कार्रवाई से जुड़े तथ्यों का सामने आना महत्वपूर्ण होगा।

