जालंधर में AAP नेता लक्की ओबरॉय की गोली मारकर हत्या, वीडियो में जाने इलाके में सनसनी
पंजाब के जालंधर में 6 फरवरी की सुबह आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता लक्की ओबरॉय की गोली मारकर हत्या कर दी गई। जानकारी के अनुसार, वे 53 वर्ष के थे। यह घटना मॉडल टाउन इलाके में उस समय हुई जब लक्की ओबरॉय गुरुद्वारे में माथा टेकने गए थे। पुलिस के अनुसार, स्कूटी पर सवार बदमाशों ने जैसे ही लक्की ओबरॉय गुरुद्वारे से बाहर निकले और अपनी थार गाड़ी में बैठने लगे, उन पर ताबड़तोब फायरिंग कर दी। हमलावरों ने उनके सीने और सिर पर कुल छह गोलियां चलाईं। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, पांच गोलियां सीने में लगीं और एक सिर पर।
परिजन उन्हें तुरंत गंभीर हालत में मॉडल टाउन के एक प्राइवेट अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार को यह विश्वास नहीं हुआ, इसलिए उन्होंने उन्हें शहर के श्रीराम अस्पताल भी ले जाया, लेकिन वहां भी डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित किया। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। स्थानीय लोग और पार्टी कार्यकर्ता घटना स्थल पर जमा हो गए और पुलिस से सुरक्षा की मांग करने लगे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर क्षेत्र की घेराबंदी कर दी है और शुरुआती जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि हत्या की साजिश किसने रची और इसके पीछे क्या मकसद हो सकता है।
AAP के नेताओं ने घटना की कड़ी निंदा की है। पार्टी ने इसे राजनीतिक हत्या करार दिया है और राज्य सरकार से दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की है। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि लक्की ओबरॉय समाज और पार्टी के लिए हमेशा समर्पित रहे और उनकी हत्या से राजनीतिक माहौल और भी गंभीर हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जालंधर में हाल के दिनों में राजनीतिक हिंसा बढ़ती जा रही है। लक्की ओबरॉय की हत्या इस चिंता को और बढ़ा देती है कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा के लिए और कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।
पुलिस ने कहा है कि मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है और इलाके के सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और हमलावरों की पहचान पर काम किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि हत्या की साजिश पूर्व नियोजित थी। स्थानीय लोग और पार्टी कार्यकर्ता मांग कर रहे हैं कि राज्य सरकार इस हत्या की जल्द से जल्द जांच करे और दोषियों को सजा दिलाए। घटना के बाद जालंधर के कई हिस्सों में पुलिस की अतिरिक्त तैनाती की गई है ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके। लक्की ओबरॉय की मौत ने पंजाब की राजनीतिक और सामाजिक दुनिया में शोक की लहर फैला दी है। उनके परिजन, मित्र और पार्टी के सहयोगी इस घटना को एक बड़ा झटका मान रहे हैं। राज्य और केंद्र सरकार को इस घटना के मद्देनजर तुरंत कार्रवाई करने की उम्मीद जताई जा रही है।

