पंचायत चुनाव से पहले डूंगरजा गांव में गरमाई सियासत, ‘कमल सरोवर’ बना मुख्य मुद्दा
राजस्थान में पंचायत चुनावों की आहट के साथ ही ग्रामीण इलाकों में स्थानीय मुद्दे एक बार फिर चर्चा का केंद्र बनने लगे हैं। कोटा जिले की सुल्तानपुर पंचायत समिति के डूंगरजा गांव में इस बार चुनावी बहस किसी व्यक्ति के इर्द-गिर्द नहीं, बल्कि गांव की आस्था और विकास से जुड़े प्रतीक ‘कमल सरोवर’ को लेकर तेज हो गई है।
गांव के लोगों के लिए यह सरोवर सिर्फ जल स्रोत नहीं, बल्कि आस्था का प्रतीक भी माना जाता है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से इसके विकास और रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया है, जिससे इसकी स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।
Kota जिले के इस इलाके में अब ग्रामीणों की मांग है कि ‘कमल सरोवर’ का पुनर्विकास किया जाए और इसे पर्यटन व स्थानीय आस्था केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, ताकि गांव की पहचान और मजबूत हो सके।
पंचायत चुनाव के नजदीक आते ही यह मुद्दा अब राजनीतिक बहस का हिस्सा बन चुका है। जहां एक ओर ग्रामीण अपनी परंपरा और आस्था को संरक्षित रखना चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर बुनियादी विकास की मांग भी जोर पकड़ती जा रही है।

