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उज्जैन में युवा धर्म संसद, डेढ़ करोड़ खर्च होंगे; देशभर से 1700 युवा, 300 शोधकर्ता-धर्माचार्य जुटेंगे

उज्जैन में युवा धर्म संसद, डेढ़ करोड़ खर्च होंगे; देशभर से 1700 युवा, 300 शोधकर्ता-धर्माचार्य जुटेंगे

मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में 17 से 19 सितंबर तक तीन दिवसीय युवा धर्म संसद का आयोजन होने जा रहा है। यह आयोजन धर्म, संस्कृति, भारतीय ज्ञान परंपरा और युवा नेतृत्व से जुड़े विषयों पर संवाद का मंच बनेगा। आयोजन के छठवें संस्करण को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। कार्यक्रम में देशभर से बड़ी संख्या में युवा प्रतिनिधियों के साथ शोधकर्ता, धर्माचार्य और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विशेषज्ञ शामिल होंगे।

आयोजन को लेकर सामने आई जानकारी के मुताबिक देश के अलग-अलग हिस्सों से करीब 1700 युवा उज्जैन पहुंचेंगे। इसके अलावा लगभग 300 शोधकर्ता और धर्माचार्य भी कार्यक्रम में भाग लेंगे। तीन दिनों तक अलग-अलग विषयों पर संवाद, परिचर्चा और वैचारिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। आयोजन के जरिए युवा पीढ़ी को भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा।

युवा धर्म संसद का आयोजन सेवाज्ञ संस्थानम की ओर से किया जा रहा है। कार्यक्रम के लिए उज्जैन को चुना गया है, जो धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से देश के प्रमुख शहरों में शामिल है। आयोजन समिति के अनुसार धर्म और विज्ञान, पर्यावरण, युवा नेतृत्व, भारतीय ज्ञान परंपरा और सामाजिक चुनौतियों जैसे विषयों पर चर्चा प्रस्तावित है।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के शामिल होने की भी जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक भागवत 17 सितंबर को उज्जैन पहुंचेंगे और रात में वहीं प्रवास करेंगे। 18 सितंबर को वे युवा धर्म संसद में शामिल होकर युवाओं से संवाद करेंगे। इसके बाद उनका इंदौर जाने का कार्यक्रम बताया गया है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव भी इस आयोजन से जुड़े हुए हैं। उन्होंने भोपाल में युवा धर्म संसद के आधिकारिक पोस्टर का विमोचन किया था। पोस्टर विमोचन के दौरान उन्होंने भारतीय संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों को युवाओं से जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। आयोजन को लेकर सरकार और आयोजकों की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।

आयोजन को लेकर करीब डेढ़ करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी भी सामने आई है। इसमें आयोजन स्थल, मंच, व्यवस्थाओं, प्रतिभागियों के ठहरने और अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च शामिल होने की बात कही जा रही है। हालांकि खर्च की पूरी मदवार जानकारी आधिकारिक तौर पर सामने आने के बाद ही तस्वीर स्पष्ट होगी।

तीन दिन तक चलने वाले इस आयोजन में युवाओं के बीच विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श होगा। धर्म और विज्ञान के बीच संबंध, पर्यावरण संरक्षण में युवाओं की भूमिका, युवा नेतृत्व और भारतीय ज्ञान परंपरा की आधुनिक समय में प्रासंगिकता जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।

उज्जैन में होने वाला यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब मध्य प्रदेश में युवाओं से जुड़े कई बड़े कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। 19 सितंबर को इंदौर में राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम का भी कार्यक्रम है, जबकि उससे एक दिन पहले मोहन भागवत के उज्जैन में युवाओं से संवाद की जानकारी सामने आई है।

तीन दिवसीय युवा धर्म संसद के जरिए आयोजक युवाओं, धर्माचार्यों और शोधकर्ताओं को एक मंच पर लाने की तैयारी में हैं। अब 17 सितंबर से शुरू होने वाले इस आयोजन में होने वाली चर्चाओं और प्रमुख वक्ताओं के संबोधनों पर नजर रहेगी।

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