शिवपुरी में 22 दिन की जागरूकता यात्रा की अनुमति के लिए पानी की टंकी पर चढ़ा युवक, रातभर चला हाईवोल्टेज ड्रामा
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के पिछोर में एक युवक अपनी 22 दिवसीय जागरूकता यात्रा की अनुमति लेने की मांग को लेकर पानी की टंकी पर चढ़ गया। मनपुरा निवासी दिनेश सगर गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे एसडीएम कार्यालय के सामने स्थित पानी की टंकी पर चढ़ा। युवक के टंकी पर चढ़ने की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। इसके बावजूद वह अपनी मांग पर अड़ा रहा और रातभर टंकी पर ही रहा।
शुक्रवार सुबह तक युवक को नीचे उतारने के प्रयास जारी रहे। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। प्रशासनिक अधिकारियों ने युवक से बातचीत कर उसे समझाने की कोशिश की और नीचे आने की अपील की।
22 दिन की जागरूकता यात्रा निकालना चाहता है युवक
बताया गया कि दिनेश सगर 22 दिनों की जागरूकता यात्रा निकालना चाहता है। इसके लिए उसने प्रशासन से अनुमति मांगी थी। युवक का कहना है कि यात्रा के माध्यम से वह लोगों को जागरूक करने का काम करना चाहता है। अनुमति को लेकर बात नहीं बनने के बाद उसने विरोध का यह तरीका अपनाया।
गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे वह एसडीएम कार्यालय के सामने स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गया। देखते ही देखते यह जानकारी पूरे इलाके में फैल गई। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई।
रातभर टंकी पर रहा युवक
युवक को टंकी से नीचे उतारने के लिए अधिकारियों ने काफी देर तक समझाइश दी। उसे सुरक्षा का हवाला देते हुए नीचे आने को कहा गया, लेकिन वह अपनी मांग पूरी होने तक नीचे उतरने को तैयार नहीं हुआ।
रात होने के बाद भी युवक टंकी पर ही मौजूद रहा। प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी। शुक्रवार सुबह भी अधिकारियों की टीम मौके पर मौजूद रही और युवक से बातचीत जारी रखी गई।
घटना के कारण एसडीएम कार्यालय के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने और किसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए निगरानी बढ़ाई।
प्रशासन ने समझाने का किया प्रयास
प्रशासनिक अधिकारियों ने युवक को आश्वासन देने और नियमों के तहत उसकी मांग पर विचार करने की बात कही। अधिकारियों का प्रयास था कि युवक सुरक्षित तरीके से टंकी से नीचे उतर आए। प्रशासन की ओर से उसे यह भी समझाया गया कि किसी भी यात्रा या सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए निर्धारित नियमों के तहत अनुमति लेना जरूरी होता है।
पुलिस और प्रशासन की टीम लगातार युवक से बातचीत कर रही थी। अधिकारियों ने उसे किसी तरह का जोखिम नहीं उठाने और नीचे आने के लिए समझाया।
फिलहाल युवक की मांग और प्रशासन के बीच बातचीत के आधार पर मामले को सुलझाने का प्रयास किया जा रहा है। युवक की 22 दिवसीय जागरूकता यात्रा को लेकर प्रशासन क्या निर्णय लेता है, यह आगे स्पष्ट होगा।
घटना ने प्रशासन के सामने भीड़भाड़ वाले इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चुनौती खड़ी कर दी। पानी की टंकी पर चढ़ना युवक के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता था। प्रशासन की प्राथमिकता उसे सुरक्षित नीचे उतारना है।

