भोपाल से दुबई तक फैला वन्यजीव तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़, कई सालों से चल रहा था शिकार का खेल
मध्य प्रदेश में वन विभाग ने एक बड़े वन्यजीव तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जो भोपाल से लेकर दुबई तक फैला हुआ बताया जा रहा है। इस कार्रवाई के बाद पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया है और वन्यजीव संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल भी उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, यह गिरोह पिछले लगभग 5 वर्षों से संगठित तरीके से हिरण और नीलगाय जैसे वन्यजीवों का शिकार कर रहा था। शिकार के बाद इन जानवरों के मांस को अवैध रूप से बाजार में बेचने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई करने का काम किया जा रहा था।
वन विभाग की जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क काफी संगठित था और इसमें कई स्तरों पर लोग शामिल थे। स्थानीय शिकारी, सप्लाई चैन और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों के जरिए इस पूरे रैकेट को संचालित किया जा रहा था।
भोपाल से शुरू होकर यह नेटवर्क विदेश तक फैला हुआ बताया जा रहा है, जिसमें दुबई जैसे स्थानों तक अवैध सप्लाई की आशंका जताई गई है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की पुष्टि विस्तृत जांच के बाद ही की जाएगी।
वन विभाग की टीम ने कार्रवाई के दौरान कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है और उनके पास से वन्यजीवों के अवशेष, हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने के लिए पूछताछ जारी है।
अधिकारियों के अनुसार, यह मामला वन्यजीव संरक्षण कानूनों का गंभीर उल्लंघन है और इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस गिरोह को किसी बड़े नेटवर्क या अंतरराष्ट्रीय गिरोह का समर्थन प्राप्त था।
इस खुलासे के बाद पर्यावरण और वन्यजीव संरक्षण संगठनों ने चिंता जताई है और इस तरह के अवैध शिकार पर सख्त निगरानी की मांग की है।
फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

