Samachar Nama
×

मध्य प्रदेश में फिर बदलेगा मौसम, 28 से 30 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट; जबलपुर समेत 11 जिलों में आंधी की संभावना

मध्य प्रदेश में फिर बदलेगा मौसम, 28 से 30 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट; जबलपुर समेत 11 जिलों में आंधी की संभावना

मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। प्रदेश में मानसून जैसी मौसमी प्रणाली सक्रिय होने के कारण कई इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, 28, 29 और 30 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश हो सकती है। वहीं, मंगलवार को जबलपुर समेत 11 जिलों में आंधी और बारिश होने का अनुमान है।अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में बारिश की संभावना ने मौसम को लेकर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में अगले तीन दिनों के दौरान मौसम में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने और सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

तीन दिन भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 28 से 30 अक्टूबर के बीच पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। कुछ स्थानों पर भारी और अति भारी बारिश की आशंका जताई गई है। लगातार बारिश होने की स्थिति में निचले इलाकों में पानी भरने, सड़कों पर जलभराव और आवागमन प्रभावित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में खड़ी फसलों और कृषि कार्यों पर भी मौसम का असर पड़ सकता है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के आधार पर फसल और कृषि संबंधी गतिविधियों की योजना बनाएं।

जबलपुर समेत 11 जिलों में आंधी-बारिश के आसार

मंगलवार को जबलपुर समेत प्रदेश के 11 जिलों में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन सभी 11 जिलों के नाम और बारिश की संभावित तीव्रता का अलग-अलग विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए संबंधित जिलों के लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट देखते रहना चाहिए।आंधी के दौरान तेज हवाओं से पेड़ों की शाखाएं टूटने, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने और खुले स्थानों पर मौजूद लोगों को परेशानी होने की आशंका रहती है।

मौसम को देखते हुए बरतें सावधानी

बारिश और आंधी की संभावना को देखते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने तथा जलभराव वाले रास्तों पर सावधानी बरतने की जरूरत है। किसानों और यात्रियों को भी मौसम की ताजा जानकारी के आधार पर अपनी गतिविधियों की योजना बनानी चाहिए।

Share this story

Tags