मानसून की देरी से जबलपुर पर जल संकट की आहट, बरगी बांध का जलस्तर गिरा, परियट और खंदारी जलाशयों में भी घटा पानी
जबलपुर में इस वर्ष मानसून की देरी और जून माह में अपेक्षा से कम बारिश होने का असर अब शहर के प्रमुख जल स्रोतों पर साफ नजर आने लगा है। लगातार कम वर्षा के कारण बरगी बांध, परियट जलाशय और खंदारी जलाशय में जलस्तर घट रहा है, जिससे प्रशासन और नागरिकों की चिंता बढ़ गई है।
शहर की पेयजल व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले बरगी बांध का जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है। यह बांध जबलपुर सहित आसपास के क्षेत्रों की पेयजल और सिंचाई व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। जलस्तर में लगातार कमी आने से भविष्य में जल प्रबंधन को लेकर चुनौतियां बढ़ सकती हैं।
केवल बरगी बांध ही नहीं, बल्कि परियट और खंदारी जलाशयों में भी पानी का स्तर घटने लगा है। इन जलाशयों का उपयोग भी शहर की जलापूर्ति व्यवस्था में किया जाता है। यदि जल्द पर्याप्त बारिश नहीं हुई, तो जल भंडारण पर और अधिक दबाव बढ़ सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार, जून में सामान्य से काफी कम बारिश दर्ज की गई, जिसके कारण नदियों और जलाशयों में पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाया। हालांकि, आगामी दिनों में मानसून के सक्रिय होने की संभावना जताई जा रही है, जिससे अच्छी बारिश होने पर जलाशयों के जलस्तर में सुधार की उम्मीद है।
जल संसाधन और नगर प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल पेयजल आपूर्ति सामान्य है, लेकिन यदि बारिश में और देरी होती है तो जल संरक्षण और पानी के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता बढ़ सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और अनियमित मानसून के कारण जल संसाधनों का वैज्ञानिक प्रबंधन पहले से अधिक जरूरी हो गया है। उन्होंने लोगों से पानी की अनावश्यक बर्बादी रोकने और जल संरक्षण को प्राथमिकता देने की अपील की है।
किसानों की चिंता भी बढ़ने लगी है, क्योंकि जलाशयों में कम पानी का असर सिंचाई पर पड़ सकता है। यदि जुलाई के शुरुआती दिनों में अच्छी बारिश होती है, तो खेती और जल भंडारण दोनों को राहत मिल सकती है।
फिलहाल जबलपुर में सभी की निगाहें मानसून की अगली बारिश पर टिकी हैं। अच्छी वर्षा होने पर जलाशयों के जलस्तर में सुधार की उम्मीद है, जबकि बारिश में और देरी होने पर जल संकट की आशंका गहरा सकती है।

