Samachar Nama
×

नर्मदापुरम में पुल के इंतजार में ग्रामीण, तीन साल से नहीं मिली वन विभाग की मंजूरी; देनवा नदी पैदल पार करने को मजबूर

नर्मदापुरम में पुल के इंतजार में ग्रामीण, तीन साल से नहीं मिली वन विभाग की मंजूरी; देनवा नदी पैदल पार करने को मजबूर

नर्मदापुरम जिले में देनवा नदी पर पुल नहीं बनने से ग्रामीणों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पुल निर्माण के लिए करीब तीन साल पहले राशि स्वीकृत होने के बावजूद अब तक वन विभाग से अनुमति नहीं मिल सकी है। इसके चलते ग्रामीणों को आज भी देनवा नदी पैदल पार करके आवागमन करना पड़ रहा है। पुल निर्माण के लिए 60.66 लाख रुपए की राशि स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन फॉरेस्ट की अनुमति नहीं मिलने से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है।

ग्रामीणों के मुताबिक देनवा नदी उनके रोजमर्रा के आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता है। नदी पर पुल नहीं होने के कारण उन्हें मौसम के अनुसार काफी परेशानी उठानी पड़ती है। सामान्य दिनों में लोग किसी तरह नदी पार कर लेते हैं, लेकिन बारिश के दौरान जलस्तर बढ़ने और बहाव तेज होने से नदी पार करना बेहद जोखिम भरा हो जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि पुल निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही थी। उनकी परेशानी को देखते हुए पुल के निर्माण के लिए 60.66 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई थी। उम्मीद थी कि राशि स्वीकृत होने के बाद जल्द ही निर्माण शुरू हो जाएगा और ग्रामीणों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल जाएगी। लेकिन तीन साल गुजर जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।

बताया जा रहा है कि पुल निर्माण के लिए वन क्षेत्र से संबंधित अनुमति आवश्यक है। इसी वजह से परियोजना के आगे बढ़ने में अड़चन आ रही है। संबंधित विभाग की ओर से वन विभाग से अनुमति लेने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन अब तक मंजूरी नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है।

बारिश के मौसम में ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ जाती है। देनवा नदी का जलस्तर बढ़ने पर पैदल नदी पार करना जान जोखिम में डालने जैसा हो जाता है। इसके बावजूद जरूरी कामों के लिए ग्रामीणों को नदी पार करनी पड़ती है। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुल बन जाए तो आसपास के गांवों के लोगों को सुरक्षित और आसान आवागमन की सुविधा मिल सकती है। वर्तमान में नदी पार करने के लिए उन्हें पानी कम होने का इंतजार करना पड़ता है। बारिश ज्यादा होने पर कई बार संपर्क भी प्रभावित हो जाता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से वन विभाग की अनुमति की प्रक्रिया जल्द पूरी कराने की मांग की है। उनका कहना है कि जब पुल निर्माण के लिए लाखों रुपए की राशि स्वीकृत हो चुकी है तो केवल अनुमति के अभाव में परियोजना को वर्षों तक लंबित रखना उचित नहीं है।

अब ग्रामीणों की नजर वन विभाग की अनुमति और निर्माण कार्य शुरू होने पर है। यदि जल्द मंजूरी मिलती है तो पुल का निर्माण शुरू हो सकता है और देनवा नदी को पैदल पार करने की मजबूरी से ग्रामीणों को राहत मिल सकेगी। फिलहाल तीन साल बाद भी पुल का इंतजार जारी है और 60.66 लाख रुपए की स्वीकृति के बावजूद जमीन पर निर्माण की शुरुआत नहीं हो पाई है।

Share this story

Tags