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100% इथेनॉल से दौड़ेंगे वाहन! केंद्र सरकार की मंजूरी, पेट्रोल पर निर्भरता घटाने की बड़ी पहल

100% इथेनॉल से दौड़ेंगे वाहन! केंद्र सरकार की मंजूरी, पेट्रोल पर निर्भरता घटाने की बड़ी पहल

केंद्र सरकार ने वैकल्पिक और पर्यावरण अनुकूल ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में अहम फैसला लेते हुए 100 प्रतिशत इथेनॉल को वाहन ईंधन के रूप में उपयोग करने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले से देश की पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करने, किसानों की आय बढ़ाने और प्रदूषण घटाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 13 जून को नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार ऐसे ईंधनों को बढ़ावा दे रही है, जो पर्यावरण के लिए बेहतर होने के साथ-साथ देश की ऊर्जा जरूरतों को भी पूरा कर सकें।

इथेनॉल मुख्य रूप से गन्ना, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है। इसे पारंपरिक पेट्रोल के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का मानना है कि इथेनॉल के बढ़ते उपयोग से कच्चे तेल के आयात पर खर्च कम होगा और किसानों को अपनी फसलों का बेहतर मूल्य मिल सकेगा।

वर्तमान में देश के कई हिस्सों में E20 (20 प्रतिशत इथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण) उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार चरणबद्ध तरीके से E20 के उपयोग का विस्तार कर रही है और वाहन निर्माता कंपनियां भी ऐसे इंजन विकसित कर रही हैं, जो इथेनॉल मिश्रित ईंधन के अनुरूप हों।

100 प्रतिशत इथेनॉल का उपयोग करने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए फ्लेक्स-फ्यूल (Flex Fuel) वाहनों की आवश्यकता होगी। ऐसे वाहन विभिन्न अनुपात में इथेनॉल और पेट्रोल के मिश्रण पर चल सकते हैं। सरकार और ऑटोमोबाइल कंपनियां इस दिशा में भी तेजी से काम कर रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि इथेनॉल आधारित ईंधन के बढ़ते उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही इससे ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी और विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी।

हालांकि, इस बदलाव को पूरी तरह लागू करने के लिए इथेनॉल उत्पादन क्षमता बढ़ाना, ईंधन वितरण नेटवर्क को मजबूत करना और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की उपलब्धता बढ़ाना जैसी चुनौतियों पर भी काम करना होगा।

सरकार का उद्देश्य आने वाले वर्षों में स्वच्छ और टिकाऊ ईंधन को बढ़ावा देकर भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनाना है। 100 प्रतिशत इथेनॉल को मंजूरी और E20 के विस्तार को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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