महाकाल मंदिर में कांवड़ियों का हंगामा, बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश; एक्सक्लूसिव फुटेज में देंखे 4 सुरक्षाकर्मी घायल
मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में बुधवार को उस समय हंगामा हो गया, जब ओंकारेश्वर से आए कांवड़ियों के एक समूह ने नंदी हॉल में प्रवेश की मांग करते हुए बैरिकेडिंग तोड़कर अंदर जाने की कोशिश की। कांवड़ियों को रोकने के दौरान मंदिर के चार सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। इनमें से दो सुरक्षाकर्मियों को पैर और सिर में गंभीर चोटें आने की जानकारी सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, ओंकारेश्वर के खेड़ीघाट से करीब 100 दर्शनार्थी कांवड़ लेकर उज्जैन पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि इनमें से सभी ने बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के नाम वाली टी-शर्ट पहन रखी थी। कांवड़िए महाकाल मंदिर में दर्शन करने पहुंचे थे।
नंदी हॉल में प्रवेश को लेकर हुआ विवाद
दर्शन के दौरान कांवड़ियों के समूह में शामिल कुछ लोगों ने नंदी हॉल में प्रवेश करने की कोशिश की। मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था के तहत लगाए गए बैरिकेड्स के कारण उन्हें आगे जाने से रोका गया। इसी दौरान कांवड़ियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच विवाद की स्थिति बन गई।
स्थिति बिगड़ने पर कुछ कांवड़ियों ने बैरिकेडिंग तोड़कर नंदी हॉल के अंदर जाने का प्रयास किया। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इसी दौरान धक्का-मुक्की और हंगामे की स्थिति पैदा हो गई, जिसमें चार सुरक्षाकर्मी घायल हो गए।घायलों में दो सुरक्षाकर्मियों को पैर और सिर में गंभीर चोटें आने की बात कही जा रही है। घटना के बाद मंदिर परिसर में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई। सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।
करीब 100 कांवड़िए पहुंचे थे महाकाल मंदिर
बताया जा रहा है कि ओंकारेश्वर के खेड़ीघाट से करीब 100 लोग कांवड़ लेकर उज्जैन पहुंचे थे। कांवड़ यात्रा के बाद सभी महाकाल मंदिर में भगवान महाकाल के दर्शन करने के लिए पहुंचे। इसी दौरान नंदी हॉल में प्रवेश को लेकर विवाद खड़ा हो गया। महाकाल मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए अलग-अलग स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है। ऐसे में किसी भी समूह के बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश से सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। चार सुरक्षाकर्मियों के घायल होने के बाद प्रशासन और मंदिर प्रबंधन के सामने भीड़ नियंत्रण को लेकर चुनौती बढ़ गई है। खासकर धार्मिक यात्राओं और त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ती है। फिलहाल घटना के बाद मंदिर परिसर में स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया है। सुरक्षाकर्मियों के घायल होने के मामले में आगे की कार्रवाई और पूरे घटनाक्रम की जानकारी अधिकारियों की ओर से जुटाई जा रही है।

