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भोपाल में अनोखा बाजार, जहां बिकते हैं रावण के पुतले; 2 से 20 फीट तक ऊंचाई, बारिश से बचाने के लिए वॉटरप्रूफ इंतजाम

भोपाल में अनोखा बाजार, जहां बिकते हैं रावण के पुतले; 2 से 20 फीट तक ऊंचाई, बारिश से बचाने के लिए वॉटरप्रूफ इंतजाम

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में दशहरे को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। शहर में एक ऐसा बाजार भी है, जहां रावण के पुतले बिक्री के लिए तैयार किए गए हैं। यहां 2 फीट से लेकर 20 फीट तक ऊंचे रावण के पुतले उपलब्ध हैं। खास बात यह है कि बारिश से पुतलों को बचाने के लिए उन्हें वॉटरप्रूफ भी बनाया जा रहा है। शहर में इस बार करीब 7 हजार स्थानों पर रावण दहन होने की जानकारी है।

दशहरे पर रावण दहन की परंपरा के चलते हर साल पुतलों की मांग बढ़ जाती है। भोपाल में भी अलग-अलग आकार के रावण के पुतले तैयार किए जाते हैं, ताकि मोहल्लों, कॉलोनियों और बड़े सार्वजनिक आयोजनों के लिए लोग अपनी जरूरत के अनुसार पुतले खरीद सकें।

2 से 20 फीट तक के रावण के पुतले तैयार

भोपाल के इस बाजार में छोटे से लेकर बड़े आकार तक के रावण के पुतले बनाए जा रहे हैं। 2 फीट के छोटे पुतले घरों या छोटे आयोजनों के लिए खरीदे जा सकते हैं, जबकि 20 फीट तक ऊंचे पुतले बड़े आयोजनों में इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

पुतलों को तैयार करने में कारीगरों की मेहनत लगती है। आकार और सजावट के अनुसार पुतलों का स्वरूप अलग-अलग हो सकता है। दशहरे से पहले इनकी खरीदारी तेज हो जाती है, क्योंकि कई समितियां और स्थानीय आयोजनकर्ता रावण दहन की तैयारियां पहले से करते हैं।

बारिश से बचाने के लिए वॉटरप्रूफ पुतले

दशहरे के आसपास बारिश होने की स्थिति में कागज और अन्य सामग्री से बने रावण के पुतलों को नुकसान पहुंच सकता है। इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए इस बार पुतलों को वॉटरप्रूफ बनाने की व्यवस्था भी की जा रही है।

वॉटरप्रूफ इंतजाम से पुतलों को नमी और हल्की बारिश से बचाने में मदद मिल सकती है। इससे आयोजन के समय पुतले खराब होने की आशंका कम करने का प्रयास किया जाता है। हालांकि, पुतलों को किस सामग्री से वॉटरप्रूफ बनाया जा रहा है, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

शहर में 7 हजार जगह रावण दहन की तैयारी

जानकारी के मुताबिक, भोपाल में इस बार करीब 7 हजार स्थानों पर रावण दहन होने की बात कही जा रही है। शहर के विभिन्न इलाकों में स्थानीय समितियां और आयोजनकर्ता दशहरे की तैयारियों में जुटे हैं। छोटे मोहल्लों से लेकर बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों तक रावण दहन की परंपरा निभाई जाएगी।

इतनी बड़ी संख्या में आयोजन होने से रावण के पुतलों की मांग भी बढ़ जाती है। यही वजह है कि बाजार में अलग-अलग ऊंचाई और डिजाइन के पुतले तैयार किए जा रहे हैं।

दशहरे पर बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश

दशहरा या विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीराम ने इसी दिन रावण का वध किया था। इसी परंपरा के तहत हर साल रावण के पुतले जलाए जाते हैं।

भोपाल में रावण के पुतलों का यह बाजार दशहरे की तैयारियों का एक खास हिस्सा है। 2 से 20 फीट तक के पुतलों और बारिश से बचाव के लिए किए जा रहे वॉटरप्रूफ इंतजाम के बीच शहर में पर्व को लेकर उत्साह बना हुआ है।

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