नीलगायों से फसल सुरक्षा के लिए अनोखी पहल, अफ्रीकी ‘बोमा पद्धति’ से होगा रेस्क्यू ऑपरेशन
किसानों की फसलों को लगातार नुकसान पहुंचा रही नीलगायों पर नियंत्रण के लिए प्रशासन ने एक अनोखी और नई पहल शुरू की है। आज से जिले में अफ्रीकी पद्धति पर आधारित विशेष रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा, जिसमें नीलगायों को सुरक्षित तरीके से पकड़कर अन्य सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा जाएगा।
Madhya Pradesh में यह पहली बार है जब इस तरह की ‘बोमा पद्धति’ का उपयोग किया जा रहा है। खास बात यह है कि इस ऑपरेशन में हेलीकॉप्टर का उपयोग नहीं किया जाएगा, बल्कि पारंपरिक अफ्रीकी तकनीक के आधार पर जाल और घेराबंदी के जरिए नीलगायों को नियंत्रित किया जाएगा।
Boma technique एक ऐसी विधि है जिसमें वन्यजीवों को बिना नुकसान पहुंचाए धीरे-धीरे एक सुरक्षित घेरे में लाया जाता है और फिर उन्हें दूसरी सुरक्षित जगह पर स्थानांतरित किया जाता है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य जानवरों और मनुष्यों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है।
प्रशासन का कहना है कि नीलगायों की बढ़ती संख्या के कारण किसानों की फसलें प्रभावित हो रही हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक नुकसान हो रहा है। इसी समस्या के समाधान के लिए यह वैज्ञानिक और मानवीय तरीका अपनाया जा रहा है।
वन विभाग और प्रशासनिक टीमों को इस अभियान के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, सफल होने पर यह मॉडल अन्य जिलों में भी लागू किया जा सकता है।
फिलहाल पूरे क्षेत्र में इस अनोखी पहल को लेकर चर्चा है और किसानों को उम्मीद है कि इससे फसल नुकसान में काफी हद तक राहत मिलेगी।

