मैहर समीक्षा बैठक में अनोखी पहल: कमिश्नर ने कराया अधिकारियों का ब्लड शुगर टेस्ट, 16 का स्तर 200 mg/dL से अधिक मिला
रीवा संभाग के कमिश्नर शीलेन्द्र सिंह ने मैहर में आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य को लेकर अनोखी पहल की। बैठक के दौरान कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के बार-बार वॉशरूम जाने पर उन्होंने इसे गंभीरता से लिया और मौके पर ही सभी का ब्लड शुगर टेस्ट कराने के निर्देश दिए।
जांच में शामिल 49 अधिकारियों और कर्मचारियों में से 16 लोगों का ब्लड शुगर लेवल 200 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर (mg/dL) से अधिक पाया गया। रिपोर्ट सामने आने के बाद कमिश्नर ने संबंधित अधिकारियों को स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श लेने की सलाह दी।
जानकारी के अनुसार, समीक्षा बैठक के दौरान कई अधिकारी और कर्मचारी बार-बार वॉशरूम जा रहे थे। इस पर कमिश्नर ने कारण जानने की कोशिश की और संभावित स्वास्थ्य समस्या को देखते हुए तत्काल स्वास्थ्य परीक्षण कराने का निर्णय लिया। इसके बाद चिकित्सा टीम को बुलाकर मौके पर ही ब्लड शुगर की जांच कराई गई।
जांच रिपोर्ट में कई कर्मचारियों का शुगर स्तर सामान्य से अधिक मिलने पर कमिश्नर ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यों के प्रभावी संचालन के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों का स्वस्थ रहना भी उतना ही आवश्यक है। नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर उपचार से गंभीर बीमारियों से बचा जा सकता है।
कमिश्नर ने अधिकारियों को सलाह दी कि वे नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराएं, संतुलित आहार लें, व्यायाम करें और चिकित्सकों के निर्देशों का पालन करें। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से भी कहा कि समय-समय पर कर्मचारियों के स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किए जाएं, ताकि बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सके।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बार-बार प्यास लगना, अधिक पेशाब आना और थकान महसूस होना मधुमेह (डायबिटीज) के सामान्य लक्षणों में शामिल हो सकते हैं। हालांकि, किसी भी व्यक्ति में डायबिटीज की पुष्टि केवल चिकित्सकीय जांच और डॉक्टर की सलाह के आधार पर ही की जाती है।
कमिश्नर की इस पहल की प्रशासनिक हलकों में चर्चा हो रही है। इसे केवल समीक्षा बैठक तक सीमित न रखकर कर्मचारियों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। अब संबंधित अधिकारियों को चिकित्सकीय परामर्श लेकर आवश्यक उपचार और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी गई है।

