मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से अवैध खनन से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां आरोप है कि तीन सगे भाइयों ने मिलकर अवैध खनन के जरिए पूरी पहाड़ी को समतल कर दिया। यह मामला सामने आने के बाद प्रशासन और खनन विभाग में हड़कंप मच गया है। शिकायत मिलने पर जब अधिकारियों ने मौके पर जाकर जांच की, तो आरोप पूरी तरह सही पाए गए।
जानकारी के मुताबिक, यह मामला जिले के ग्रामीण क्षेत्र का है, जहां लंबे समय से अवैध खनन की गतिविधियां चल रही थीं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि तीन भाइयों ने बिना किसी अनुमति के पहाड़ी इलाके में मशीनों और भारी उपकरणों की मदद से लगातार खनन किया, जिससे पहाड़ी का प्राकृतिक स्वरूप पूरी तरह खत्म हो गया।
शिकायत के बाद हुआ खुलासा
ग्रामीणों की ओर से प्रशासन को दी गई शिकायत के आधार पर खनन विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने जांच की। जांच में सामने आया कि पहाड़ी से बड़े पैमाने पर पत्थर और खनिज सामग्री निकाली गई, और नियमों की खुली अवहेलना की गई। मौके पर पहुंची टीम को न तो खनन की कोई वैध अनुमति मिली और न ही पर्यावरणीय स्वीकृति के दस्तावेज।
अधिकारियों ने बताया कि जिस स्थान पर पहले पहाड़ी थी, वहां अब समतल मैदान जैसा क्षेत्र नजर आ रहा है। इससे साफ है कि अवैध खनन लंबे समय से और योजनाबद्ध तरीके से किया गया।
पर्यावरण को भारी नुकसान
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के अवैध खनन से पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचता है। पहाड़ी क्षेत्रों में खनन से भू-स्खलन का खतरा बढ़ता है, जलस्तर प्रभावित होता है और आसपास के गांवों में प्राकृतिक संतुलन बिगड़ जाता है। स्थानीय लोगों ने भी आशंका जताई है कि आने वाले समय में बारिश के दौरान कटाव और जलभराव जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
प्रशासन की कार्रवाई
जांच के बाद प्रशासन ने आरोपित तीनों भाइयों के खिलाफ अवैध खनन, सरकारी संपत्ति को नुकसान और पर्यावरण संरक्षण कानूनों के उल्लंघन के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही, खनन से हुई क्षति का आकलन कर भारी जुर्माना और रिकवरी की तैयारी की जा रही है।
जिला प्रशासन ने यह भी कहा है कि अवैध खनन में इस्तेमाल की गई मशीनों और वाहनों को जब्त किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

