छतरपुर में अनोखा जन्म: 4 हाथ और 4 पैर वाले बच्चे ने चौंकाया, डॉक्टरों ने बताई वजह
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के लवकुशनगर से एक बेहद दुर्लभ जन्म का मामला सामने आया है। यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक महिला ने ऐसे नवजात को जन्म दिया, जिसके चार हाथ और चार पैर हैं। बच्चे को देखकर अस्पताल में मौजूद डॉक्टर और नर्स भी हैरान रह गए। नवजात के जन्म की खबर फैलते ही उसे देखने के लिए अस्पताल में लोगों की भीड़ जुट गई। बच्चे की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहे हैं।
डॉक्टरों ने बताया दुर्लभ चिकित्सीय स्थिति
अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक, यह कोई चमत्कार नहीं बल्कि एक बेहद दुर्लभ चिकित्सीय स्थिति हो सकती है। शुरुआती जांच में इसे कंजॉइंड ट्विन्स यानी जुड़े हुए जुड़वां भ्रूण से जुड़ा मामला बताया गया है। डॉक्टरों का कहना है कि गर्भ में दो भ्रूण विकसित होने के दौरान अगर उनमें से एक का विकास पूरी तरह नहीं हो पाता, तो उसके कुछ अंग दूसरे भ्रूण के शरीर से जुड़े रह सकते हैं। इसी वजह से नवजात के शरीर पर अतिरिक्त हाथ और पैर दिखाई दे सकते हैं।
करीब 3 किलो बताया गया वजन
रिपोर्ट के अनुसार, जन्म के समय नवजात का वजन करीब 3 किलोग्राम था। शुरुआती जानकारी में मां और बच्चे दोनों की हालत स्थिर बताई गई है। हालांकि, बच्चे की वास्तविक चिकित्सीय स्थिति जानने के लिए विशेषज्ञों की जांच जरूरी है। अस्पताल प्रशासन ने बेहतर इलाज और जांच के लिए नवजात को उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर करने की प्रक्रिया शुरू की है।
आगे विशेषज्ञ करेंगे जांच
डॉक्टरों की टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि नवजात के अतिरिक्त अंग किस तरह जुड़े हुए हैं और आगे किस प्रकार के उपचार की जरूरत होगी। सर्जरी संभव है या नहीं, इसका फैसला विस्तृत जांच और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह के बाद ही लिया जाएगा। फिलहाल नवजात को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है।
स्वास्थ्य केंद्र की वरिष्ठ नर्स ने बताया कि अपने करीब 14 से 15 साल के कार्यकाल में उन्होंने इस तरह का मामला पहली बार देखा है। दुर्लभ जन्म की खबर फैलने के बाद अस्पताल में लोगों की भीड़ भी जमा हो गई।
चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे मामलों को लेकर किसी तरह की अफवाह या अंधविश्वास पर भरोसा नहीं करना चाहिए। बच्चे की स्थिति और इलाज से जुड़ी सही जानकारी विशेषज्ञ चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल डॉक्टरों का पूरा ध्यान मां और नवजात को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर है।

