उज्जैन का संगिनी ग्रुप निभाएगा 21 साल पुरानी परंपरा, राजौरी और कारगिल में सैनिकों की कलाई पर बांधेगा राखी
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर उज्जैन का संगिनी ग्रुप एक बार फिर देश की सीमाओं पर तैनात जवानों के साथ भाई-बहन के अटूट रिश्ते का उत्सव मनाने जा रहा है। इस वर्ष भी समूह की सदस्य जम्मू-कश्मीर के राजौरी और कारगिल पहुंचकर सैनिकों की कलाई पर राखी बांधेंगी और उनके सुरक्षित एवं स्वस्थ जीवन की कामना करेंगी। यह लगातार 21वां वर्ष है, जब संगिनी ग्रुप इस अनूठी परंपरा का निर्वहन करेगा।
21 वर्षों से निभा रहा अनूठी परंपरा
संगिनी ग्रुप पिछले दो दशकों से अधिक समय से रक्षाबंधन के अवसर पर देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों के बीच पहुंच रहा है। समूह की महिलाओं का मानना है कि देश की रक्षा में जुटे जवान भी परिवार का हिस्सा हैं और रक्षाबंधन जैसे पर्व पर उन्हें अपनापन महसूस कराना समाज की जिम्मेदारी है।
राजौरी और कारगिल में मनाया जाएगा रक्षाबंधन
इस वर्ष समूह की सदस्य जम्मू-कश्मीर के राजौरी और कारगिल सेक्टर में तैनात सैनिकों से मुलाकात करेंगी। वे जवानों को राखी बांधने के साथ मिठाई खिलाकर उनका सम्मान करेंगी और देश सेवा के प्रति उनके समर्पण के लिए आभार व्यक्त करेंगी।
सैनिकों का बढ़ता है उत्साह
हर वर्ष इस पहल का सैनिकों पर भावनात्मक प्रभाव देखने को मिलता है। परिवार से दूर सीमा पर तैनात जवान जब बहनों के हाथों राखी बंधवाते हैं, तो उनके चेहरे पर खुशी और अपनापन साफ दिखाई देता है। यह आयोजन सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के साथ समाज और सेना के बीच भावनात्मक संबंधों को भी मजबूत करता है।
देशभक्ति और सामाजिक सरोकार का संदेश
संगिनी ग्रुप की यह पहल केवल एक धार्मिक परंपरा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देशभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और सैनिकों के प्रति सम्मान का संदेश भी देती है। वर्षों से जारी इस अभियान ने कई लोगों को प्रेरित किया है और रक्षाबंधन के पर्व को एक विशेष पहचान दी है।
जवानों के प्रति सम्मान की अनूठी मिसाल
समूह की सदस्यों का कहना है कि देश की सीमाओं की सुरक्षा में दिन-रात जुटे सैनिकों के कारण ही देशवासी अपने परिवारों के साथ सुरक्षित त्योहार मना पाते हैं। ऐसे में उनके बीच जाकर रक्षाबंधन मनाना सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का एक छोटा-सा प्रयास है।
लगातार 21 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा उज्जैन के संगिनी ग्रुप को एक विशेष पहचान दिला चुकी है। इस वर्ष भी राजौरी और कारगिल में राखी बांधकर समूह देश के वीर जवानों के प्रति सम्मान, स्नेह और विश्वास का संदेश देगा।

