उज्जैन जमीन खरीद मामला गरमाया: कांग्रेस ने सरकार पर लगाए घोटाले के आरोप, वीडियो में जाने BJP ने बताया राजनीतिक साजिश
मध्य प्रदेश के उज्जैन में कथित जमीन खरीद मामले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि सरकारी संरक्षण में बड़े पैमाने पर जमीन खरीद घोटाले को अंजाम दिया गया है। वहीं भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा और मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मुद्दे को उठाया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि उज्जैन में जमीन खरीद से जुड़े पूरे मामले में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और इसके पीछे सत्ता का संरक्षण प्राप्त लोगों की भूमिका हो सकती है।
पवन खेड़ा ने कहा कि इस मामले को लेकर भाजपा का शीर्ष नेतृत्व पूरी तरह चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने दावा किया कि यह मौन कई सवाल खड़े करता है और इससे पूरे मामले में बड़े स्तर पर मिलीभगत की आशंका पैदा होती है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मामले में केवल राज्य सरकार ही नहीं, बल्कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।कांग्रेस ने इस पूरे प्रकरण की जांच देश की सर्वोच्च अदालत की निगरानी में कराने की मांग की है। पार्टी नेताओं का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच किसी मौजूदा सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश की देखरेख में कराई जानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जनता का विश्वास कायम रहे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जीतू पटवारी ने भी राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस लगातार इस मुद्दे को उठाती रहेगी और कथित घोटाले से जुड़े सभी तथ्यों को जनता के सामने लाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जवाब देने के बजाय मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।वहीं कांग्रेस के आरोपों पर मध्य प्रदेश सरकार की ओर से मंत्री चेतन्य काश्यप ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से आते हैं और कांग्रेस उनकी लोकप्रियता से घबराई हुई है। काश्यप ने आरोप लगाया कि कांग्रेस जानबूझकर मुख्यमंत्री की छवि खराब करने के लिए निराधार और राजनीतिक रूप से प्रेरित आरोप लगा रही है।मंत्री ने कहा कि हाल ही में राज्यसभा चुनाव में मिली हार से कांग्रेस हताश है और उसी निराशा में इस तरह के आरोप लगाकर राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है और यदि किसी भी स्तर पर कोई शिकायत या तथ्य सामने आते हैं तो उसकी जांच कराई जाएगी।
उज्जैन जमीन खरीद मामले को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। एक ओर कांग्रेस इसे बड़े घोटाले के रूप में पेश कर रही है, तो दूसरी ओर भाजपा इसे विपक्ष की राजनीतिक रणनीति बता रही है। फिलहाल इस मामले में किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी की ओर से कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा मध्य प्रदेश की राजनीति में और अधिक गर्मा सकता है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार इन आरोपों पर क्या कदम उठाती है और क्या कांग्रेस की जांच संबंधी मांग पर कोई निर्णय लिया जाता है या नहीं।

