उज्जैन में मिलावटखोरों पर प्रशासन का शिकंजा: खाद्य कारोबारियों पर लगाया 7.21 लाख रुपए का जुर्माना
जिले में मिलावट और खाद्य सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने वाले कारोबारियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। एडीएम अतेंद्र सिंह गुर्जर ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन से जुड़े मामलों की सुनवाई करते हुए अलग-अलग खाद्य कारोबारियों पर कुल 7 लाख 21 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
प्रशासन की इस कार्रवाई से खाद्य सामग्री में मिलावट करने वालों और नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
खाद्य सुरक्षा मामलों की हुई सुनवाई
एडीएम अतेंद्र सिंह गुर्जर ने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा प्रस्तुत किए गए मामलों की समीक्षा की। सुनवाई के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, लाइसेंस और अन्य नियमों के उल्लंघन से जुड़े प्रकरणों पर विचार किया गया।
जांच में खामियां पाए जाने पर संबंधित खाद्य कारोबारियों के खिलाफ आर्थिक दंड की कार्रवाई की गई।
मिलावट रोकने के लिए अभियान जारी
प्रशासन लगातार खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए जांच अभियान चला रहा है। इसके तहत दुकानों, प्रतिष्ठानों और खाद्य निर्माण इकाइयों से सैंपल लिए जाते हैं और उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाता है।
रिपोर्ट में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाती है।
नियमों का पालन करने की अपील
प्रशासन ने खाद्य कारोबारियों से अपील की है कि वे खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करें और ग्राहकों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएं।
अधिकारियों का कहना है कि मिलावटखोरी लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा गंभीर मामला है। ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि खाद्य पदार्थों में मिलावट और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
अधिकारियों का कहना है कि आम लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए समय-समय पर जांच अभियान चलाए जाएंगे और दोषी पाए जाने वाले कारोबारियों पर सख्त कदम उठाए जाएंगे।

