50 दिन में फिर ट्रांसफर, IAS नेहा मारव्या बोलीं- हतोत्साहित हूं; कर्मचारियों की धमकी का किया जिक्र
मध्य प्रदेश की IAS अधिकारी नेहा मारव्या एक बार फिर अपने तबादले को लेकर चर्चा में हैं। करीब 50 दिन के भीतर दोबारा ट्रांसफर होने के बाद उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की है। नेहा मारव्या ने एक ग्रुप में संदेश लिखकर कहा कि वह इस फैसले से हतोत्साहित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कर्मचारियों ने उन्हें ट्रांसफर की धमकी दी थी और जब उन्होंने इसकी शिकायत की तो कार्रवाई उनके खिलाफ ही हो गई।
कर्मचारियों पर लगाए गंभीर आरोप
जानकारी के अनुसार, IAS नेहा मारव्या ने अपने संदेश में दावा किया कि विभाग में कुछ कर्मचारियों की ओर से उन्हें लगातार दबाव का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि कर्मचारियों ने ट्रांसफर कराने की बात कही थी। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की, लेकिन कार्रवाई के तौर पर उन्हें ही पद से हटा दिया गया।
नेहा मारव्या ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अपनी निराशा जाहिर की और कहा कि ऐसी परिस्थितियां अधिकारियों के मनोबल को प्रभावित करती हैं।
पहले भी विवादों में रहा नाम
IAS नेहा मारव्या मध्य प्रदेश कैडर की 2011 बैच की अधिकारी हैं। वह इससे पहले भी कई प्रशासनिक विवादों को लेकर चर्चा में रही हैं। हाल ही में उन्हें कुछ जिम्मेदारियों से हटाकर नई पोस्टिंग दी गई थी, लेकिन अब एक बार फिर उनका तबादला कर दिया गया है।
उनका नाम इससे पहले एक कथित विवादित घटना को लेकर भी सुर्खियों में आया था, जिसके बाद प्रशासनिक हलकों में काफी चर्चा हुई थी।
सरकार के फैसले पर उठे सवाल
नेहा मारव्या के दोबारा तबादले के बाद प्रशासनिक गलियारों में भी चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, सरकार की ओर से तबादले की वजह को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। प्रशासनिक स्तर पर तबादले सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा माने जाते हैं, लेकिन कम समय में बार-बार बदलाव को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
सोशल मीडिया संदेश के बाद चर्चा तेज
IAS अधिकारी के कथित संदेश के सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया है। उनके समर्थकों का कहना है कि अधिकारियों को काम करने के लिए स्थिर माहौल मिलना चाहिए, जबकि प्रशासनिक फैसले सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
फिलहाल, नेहा मारव्या के आरोपों और तबादले को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर बहस जारी है। मामले में सरकार की ओर से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

