इंदौर में जहरीले पानी का फिर से कहर? अब 54 साल के शख्स की मौत, परिवार का आरोप- पानी पीने से अंग फेल हो गया
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में 54 वर्षीय रामनरेश यादव पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे और करीब 15 दिनों तक अस्पताल के आईसीयू में उपचाररत रहे। मंगलवार को उनकी मौत हो गई। उनका परिवार और स्थानीय लोग दावा कर रहे हैं कि उनकी तबीयत खराब होने की मुख्य वजह दूषित पानी पीना थी, जिससे उनके शरीर में संक्रमण फैल गया और अंगों का फेल होना शुरू हो गया।
परिजनों के अनुसार शुरुआत में उन्हें दस्त और उल्टी की शिकायतें हुईं, जिसके बाद उनकी हालत धीरे-धीरे बिगड़ती गई। परिवार का कहना है कि संक्रमित पानी की वजह से उनके लिवर और किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा और अंततः उनकी जान चली गई।
📍 परिवार और इलाके के लोगों का आरोप
रामनरेश यादव के परिजन और स्थानीय निवासियों ने साफ कहा है कि पिछले लगभग एक महीने से इलाके में पानी की आपूर्ति दूषित हालत में हो रही है और इसी के कारण कई लोग बीमार पड़े हैं। कुछ लोगों का अनुमान है कि इससे जुड़े अन्य मौतें भी इसी दूषित पानी से हो सकती हैं। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक मृत्यु का कारण आधिकारिक तौर पर दूषित पानी को नहीं बताया है और इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी।
📍 पृष्ठभूमि:
यह घटना उस जल संकट से जुड़ी स्वास्थ्य आपदा का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत दिसंबर 2025 से हुई थी, जब भागीरथपुरा में नगर जल आपूर्ति से पानी में संदिग्ध बैक्टीरिया-जनित संदूषण पाया गया था। तब से कई लोग जीआई (उल्टी-दस्त) के लक्षणों से प्रभावित हुए और मौतों की संख्या बढ़ने की खबरें भी सामने आईं। प्रशासन ने भी विधानसभा में इस मुद्दे को स्वीकार किया था और मौतों की संख्या को लेकर बयान दिया था।
📍 प्रशासन की प्रतिक्रिया
अब तक स्वास्थ्य विभाग ने इस व्यक्ति की मौत का पानी से सीधा संबंध आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं किया है और यह पता लगाना बाकी है कि यह मौत किसी संक्रमण के कारण हुई या कहीं और कारण भी शामिल हैं। जांच जारी है।
इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में 54 वर्षीय रामनरेश यादव पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे और करीब 15 दिनों तक अस्पताल के आईसीयू में उपचाररत रहे। मंगलवार को उनकी मौत हो गई। उनका परिवार और स्थानीय लोग दावा कर रहे हैं कि उनकी तबीयत खराब होने की मुख्य वजह दूषित पानी पीना थी, जिससे उनके शरीर में संक्रमण फैल गया और अंगों का फेल होना शुरू हो गया।
परिजनों के अनुसार शुरुआत में उन्हें दस्त और उल्टी की शिकायतें हुईं, जिसके बाद उनकी हालत धीरे-धीरे बिगड़ती गई। परिवार का कहना है कि संक्रमित पानी की वजह से उनके लिवर और किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा और अंततः उनकी जान चली गई।
📍 परिवार और इलाके के लोगों का आरोप
रामनरेश यादव के परिजन और स्थानीय निवासियों ने साफ कहा है कि पिछले लगभग एक महीने से इलाके में पानी की आपूर्ति दूषित हालत में हो रही है और इसी के कारण कई लोग बीमार पड़े हैं। कुछ लोगों का अनुमान है कि इससे जुड़े अन्य मौतें भी इसी दूषित पानी से हो सकती हैं। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक मृत्यु का कारण आधिकारिक तौर पर दूषित पानी को नहीं बताया है और इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी।
📍 पृष्ठभूमि:
यह घटना उस जल संकट से जुड़ी स्वास्थ्य आपदा का हिस्सा है, जिसकी शुरुआत दिसंबर 2025 से हुई थी, जब भागीरथपुरा में नगर जल आपूर्ति से पानी में संदिग्ध बैक्टीरिया-जनित संदूषण पाया गया था। तब से कई लोग जीआई (उल्टी-दस्त) के लक्षणों से प्रभावित हुए और मौतों की संख्या बढ़ने की खबरें भी सामने आईं। प्रशासन ने भी विधानसभा में इस मुद्दे को स्वीकार किया था और मौतों की संख्या को लेकर बयान दिया था।
📍 प्रशासन की प्रतिक्रिया
अब तक स्वास्थ्य विभाग ने इस व्यक्ति की मौत का पानी से सीधा संबंध आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं किया है और यह पता लगाना बाकी है कि यह मौत किसी संक्रमण के कारण हुई या कहीं और कारण भी शामिल हैं। जांच जारी है।

