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Tikamgarh News: सावन के आखिरी सोमवार पर कुंडेश्वर धाम में उमड़ा भक्तों का सैलाब, भोलेनाथ के जयकारों से गूंजा मंदिर

Tikamgarh News: सावन के आखिरी सोमवार पर कुंडेश्वर धाम में उमड़ा भक्तों का सैलाब, भोलेनाथ के जयकारों से गूंजा मंदिर

मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में स्थित प्रसिद्ध शिवधाम कुंडेश्वर में श्रावण मास के चौथे और अंतिम सोमवार को आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। बड़ी संख्या में भक्त भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए कुंडेश्वर धाम पहुंचे। सावन के अंतिम सोमवार के कारण मंदिर और आसपास का पूरा क्षेत्र शिवमय नजर आया।

श्रद्धालुओं ने कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार किया और भगवान शिव का दर्शन कर जलाभिषेक किया। इस दौरान मंदिर परिसर में हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। भक्तों ने भगवान शिव से परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

सुबह से ही लग गई लंबी कतारें

सावन सोमवार को भगवान शिव की पूजा के लिए विशेष माना जाता है। वहीं सावन के अंतिम सोमवार का धार्मिक महत्व होने के कारण कुंडेश्वर धाम में सामान्य दिनों की तुलना में श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक रही। सुबह मंदिर खुलने के साथ ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था।

दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा टीकमगढ़ शहर और आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचे। कई श्रद्धालु परिवार के साथ मंदिर पहुंचे तो कुछ लोग पैदल ही कुंडेश्वर धाम की ओर जाते दिखाई दिए।

जलाभिषेक के लिए उमड़ी भीड़

मंदिर पहुंचने वाले भक्त अपने साथ जल, दूध, बेलपत्र और अन्य पूजन सामग्री लेकर आए थे। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया और बेलपत्र अर्पित कर पूजा-अर्चना की। कई भक्तों ने ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करते हुए भगवान शिव का ध्यान किया।

धार्मिक मान्यता के अनुसार सावन में भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक का विशेष महत्व है। सावन सोमवार पर व्रत रखने वाले श्रद्धालु पूजा के बाद शिव चालीसा और शिव मंत्रों का पाठ भी करते हैं।

सुरक्षा और व्यवस्था पर रहा जोर

भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर में व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए गए। श्रद्धालुओं को कतार के माध्यम से दर्शन कराया गया, ताकि भीड़ के बीच अव्यवस्था की स्थिति न बने। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी रही।

अंतिम सोमवार होने के कारण दिनभर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना बनी रही। ऐसे में मंदिर प्रबंधन की ओर से भक्तों से अनुशासन बनाए रखने और व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की गई।

शिवभक्ति में डूबा कुंडेश्वर धाम

कुंडेश्वर धाम में सावन के अंतिम सोमवार पर सुबह से ही धार्मिक माहौल बना रहा। मंदिर की घंटियों, मंत्रोच्चार और हर-हर महादेव के जयकारों से पूरा परिसर गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन के बाद मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना की और प्रसाद ग्रहण किया।

श्रावण मास के चौथे और अंतिम सोमवार पर उमड़ी भीड़ ने कुंडेश्वर धाम की धार्मिक आस्था को एक बार फिर प्रदर्शित किया। दिनभर भक्तों का मंदिर पहुंचना जारी रहा और पूरा क्षेत्र भोलेनाथ की भक्ति में सराबोर नजर आया। हर हर महादेव।

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