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महाकौशल-विंध्य में तीन दिन बारिश के आसार, धार और झाबुआ में बढ़ी ठंड; 31 जिलों में मौसम बदलेगा

महाकौशल-विंध्य में तीन दिन बारिश के आसार, धार और झाबुआ में बढ़ी ठंड; 31 जिलों में मौसम बदलेगा

मध्य प्रदेश में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर से मौसम का मिजाज बदल गया है। सतना और कटनी समेत पूर्वी मध्य प्रदेश के कई इलाकों में बादल छाए हुए हैं और कुछ जगह बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक महाकौशल और विंध्य क्षेत्र में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। वहीं, धार और झाबुआ जैसे पश्चिमी जिलों में न्यूनतम तापमान में गिरावट के कारण सुबह के समय ठंड बढ़ गई है।

सतना-कटनी में बदला मौसम

चक्रवात के प्रभाव से सतना, कटनी और आसपास के क्षेत्रों में मौसम बदलने लगा है। सतना में बुधवार को बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना जताई गई है। मैहर क्षेत्र में भी कुछ देर बूंदाबांदी हुई। कटनी में भी आसमान में बादल छाए रहने और हल्की बारिश या गरज-चमक की संभावना है।मौसम में आए इस बदलाव से दिन के तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता अलग रह सकती है। लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

महाकौशल और विंध्य में बारिश का अनुमान

मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी मध्य प्रदेश में चक्रवात का प्रभाव अधिक दिखाई दे सकता है। जबलपुर, कटनी, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी और मंडला जैसे जिलों में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश और गरज-चमक की संभावना है।कुछ जिलों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी भी जारी की गई है। 29 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम ज्यादा सक्रिय रह सकता है। इस दौरान तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की आशंका भी जताई गई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।

धार और झाबुआ में गिरा पारा

प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में भी तापमान में बदलाव देखने को मिल रहा है। धार में न्यूनतम तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, झाबुआ में सुबह के समय ठंड बढ़ने से लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। हालांकि, दिन के समय तापमान अपेक्षाकृत अधिक रहने से गर्मी का अहसास भी हो सकता है।मौसम में दिन और रात के तापमान के बीच अंतर रहने के कारण सुबह और शाम बाहर निकलने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

करमवीर भारत+1

किसानों की बढ़ सकती है परेशानी

अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में बारिश होने से खेतों में तैयार फसलों और कृषि कार्यों पर असर पड़ने की आशंका है। धान की कटाई और अन्य कृषि गतिविधियों में जुटे किसानों को मौसम का पूर्वानुमान देखकर काम करने की सलाह दी जाती है। तेज हवा और बारिश से खुले में रखी उपज भी प्रभावित हो सकती है।फिलहाल मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में बारिश की संभावना अधिक बनी हुई है, जबकि पश्चिमी जिलों में मौसम की स्थिति अलग रह सकती है। लोगों को भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की आधिकारिक चेतावनियों का पालन करना चाहिए।

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