गोंडा में फिर बढ़ने लगा घाघरा नदी का जलस्तर, 12 घंटे में 4 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी; तटवर्ती गांवों में बढ़ी चिंता
जिले में बाढ़ का खतरा एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। शुक्रवार सुबह 8 बजे से घाघरा नदी का जलस्तर दोबारा बढ़ना शुरू हो गया है। पिछले 12 घंटे में नदी के जलस्तर में 4 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे नदी किनारे बसे तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है।
शुक्रवार सुबह करीब 8:30 बजे एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी खतरे के निशान से 40 सेंटीमीटर नीचे बह रही थी। हालांकि नदी अभी खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है।
जलस्तर बढ़ने से बढ़ी निगरानी
घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। राजस्व विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार नदी के हालात पर नजर बनाए हुए हैं।
तटवर्ती गांवों में बढ़ी चिंता
नदी का पानी बढ़ने के साथ ही आसपास के गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश के मौसम में घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से उन्हें बाढ़ और कटान का सामना करना पड़ता है।
कटान का भी मंडरा रहा खतरा
जलस्तर बढ़ने के साथ नदी किनारे कटान की आशंका भी बढ़ गई है। कई क्षेत्रों में पहले से ही नदी की धारा के कारण जमीन का कटाव हो रहा है। इससे ग्रामीणों को अपने घरों और खेतों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
प्रशासन अलर्ट, बाढ़ चौकियां सक्रिय
अधिकारियों ने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। बाढ़ चौकियों को सक्रिय रखा गया है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जाएंगे। ग्रामीणों को भी नदी के आसपास जाने से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
फिलहाल घाघरा नदी खतरे के निशान से नीचे बह रही है, लेकिन लगातार बढ़ता जलस्तर प्रशासन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में नदी के जलस्तर पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

