तवा डैम इस बार फुल टैंक लेवल से 4 फीट खाली, पूरे सीजन में नहीं खुला एक भी गेट; तवा नदी का बहाव भी थमा
मध्य प्रदेश में कम बारिश का असर इस बार तवा डैम के जलस्तर पर देखने को मिला है। बारिश का सीजन समाप्त होने के बाद भी तवा डैम अपने फुल टैंक लेवल तक नहीं पहुंच पाया। डैम इस बार निर्धारित जलस्तर से करीब 4 फीट खाली रह गया। कम पानी की आवक के चलते पूरे सीजन में डैम का एक भी गेट नहीं खोला जा सका। इसका असर तवा नदी के बहाव पर भी पड़ा और नदी का जलस्तर नहीं बढ़ पाया।
आमतौर पर बारिश के मौसम में जलग्रहण क्षेत्र से पानी की अच्छी आवक होने पर तवा डैम का जलस्तर बढ़ता है। जरूरत के मुताबिक पानी छोड़ने के लिए डैम के गेट खोले जाते हैं। इससे तवा नदी में पानी का बहाव बढ़ता है। लेकिन इस बार कम बारिश के कारण डैम में पर्याप्त पानी जमा नहीं हो सका और गेट खोलने की स्थिति नहीं बनी।
कम बारिश से डैम में नहीं पहुंचा पर्याप्त पानी
तवा डैम में पानी की आवक मुख्य रूप से बारिश और आसपास के जलग्रहण क्षेत्र पर निर्भर करती है। इस बार कम बारिश होने से जलस्तर अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सका। नतीजतन, डैम फुल टैंक लेवल से करीब 4 फीट नीचे रह गया। पूरे मानसून सीजन में पानी छोड़ने के लिए एक भी गेट नहीं खोला गया।
तवा नदी के बहाव पर भी पड़ा असर
डैम से पानी नहीं छोड़े जाने का असर तवा नदी के बहाव पर भी दिखाई दिया। नदी में पानी का स्तर नहीं बढ़ पाया और बहाव थमा रहा। बारिश के दौरान डैम से पानी छोड़े जाने पर नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होती है, लेकिन इस बार ऐसी स्थिति नहीं बन सकी।
तवा डैम क्षेत्र में पानी की उपलब्धता सिंचाई और अन्य जल जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। ऐसे में डैम का फुल टैंक लेवल तक नहीं पहुंचना जल प्रबंधन के लिए भी अहम विषय है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार जलस्तर में कमी का प्रमुख कारण कम बारिश रही।
आने वाले समय में डैम के जलस्तर की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि क्षेत्र में कितनी बारिश होती है और जलग्रहण क्षेत्र से कितनी पानी की आवक होती है।

