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उमरिया में मिट्टी जांच अभियान पिछड़ा, लक्ष्य से 347 सैंपल कम पहुंचे; किसानों को नहीं मिली पोषक तत्वों की जानकारी

उमरिया में मिट्टी जांच अभियान पिछड़ा, लक्ष्य से 347 सैंपल कम पहुंचे; किसानों को नहीं मिली पोषक तत्वों की जानकारी

मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में कृषि विभाग का मिट्टी जांच अभियान लक्ष्य से पीछे रह गया है। किसानों के खेतों की मिट्टी की गुणवत्ता और उसमें मौजूद पोषक तत्वों की जानकारी देने के लिए चलाए जा रहे अभियान में विभाग निर्धारित लक्ष्य पूरा नहीं कर पाया। जिले की लैब में 347 मिट्टी के सैंपल कम पहुंचे, जिसके कारण कई किसानों को अब तक अपनी जमीन की उर्वरता और पोषक तत्वों की सही जानकारी नहीं मिल सकी है।

किसानों को मिलनी थी मिट्टी की जानकारी

मिट्टी जांच का मुख्य उद्देश्य किसानों को यह बताना होता है कि उनकी जमीन में कौन-कौन से पोषक तत्व मौजूद हैं और किन तत्वों की कमी है। इसके आधार पर किसान फसल के लिए सही मात्रा में खाद और उर्वरक का उपयोग कर सकते हैं।

कृषि विभाग की ओर से खेतों से मिट्टी के नमूने एकत्र कर उनकी जांच की जाती है और बाद में किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।

लक्ष्य के मुकाबले कम पहुंचे सैंपल

उमरिया जिले में मिट्टी जांच के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन विभाग उस लक्ष्य तक नहीं पहुंच सका। जांच केंद्र में निर्धारित संख्या की तुलना में 347 सैंपल कम पहुंचे।

कम सैंपल पहुंचने से कई किसानों की मिट्टी जांच प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके चलते उन्हें अपनी जमीन में मौजूद पोषक तत्वों और फसल के लिए जरूरी खाद की जानकारी नहीं मिल पाई।

खेती पर पड़ सकता है असर

विशेषज्ञों के अनुसार, मिट्टी की जांच के बिना किसान कई बार आवश्यकता से अधिक या कम मात्रा में खाद का उपयोग कर लेते हैं। इससे खेती की लागत बढ़ सकती है और उत्पादन पर भी असर पड़ सकता है।

मिट्टी जांच रिपोर्ट मिलने से किसान अपनी फसल के अनुसार उर्वरकों का संतुलित उपयोग कर सकते हैं, जिससे उत्पादन बेहतर होने के साथ जमीन की गुणवत्ता भी बनी रहती है।

विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल

लक्ष्य पूरा नहीं होने के बाद कृषि विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में समय पर मिट्टी के नमूने एकत्र नहीं होने और किसानों तक जानकारी पहुंचाने में देरी की बात सामने आ रही है।

अब विभाग को शेष किसानों तक पहुंचकर मिट्टी के नमूने जुटाने और जांच प्रक्रिया पूरी करने की जरूरत है, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके।

किसानों को इंतजार मिट्टी रिपोर्ट का

जिन किसानों के सैंपल अब तक जांच के लिए नहीं पहुंचे हैं, उन्हें अपनी जमीन की स्थिति जानने के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा। कृषि विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई के बाद ही उन्हें मिट्टी की गुणवत्ता और पोषक तत्वों की जानकारी मिल सकेगी।

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