भोपाल का इतिहास सिर्फ किलों, महलों और इमारतों की कहानी नहीं है। इस शहर की असली पहचान और सबसे बड़ी ताकत हमेशा यहां के लोग रहे हैं। उनकी जिंदादिली, आपसी भाईचारा और मुश्किल वक्त में एक-दूसरे के साथ खड़े रहने की परंपरा ने भोपाल की गाथा को खास बनाया।
शहर के बदलते दौर के साथ इमारतें बदलीं, रास्ते बदले और भोपाल का विस्तार हुआ, लेकिन इसकी आत्मा आज भी उन लोगों में बसती है, जिन्होंने इस शहर को अपनी मेहनत, संस्कृति और अपनत्व से गढ़ा।

