बारिश का सीजन खत्म होने को, फिर भी खाली हैं नदी-तालाब: शिप्रा में एक बार भी नहीं आया उफान, डेम-तालाबों में सिर्फ 37% पानी
बारिश का पूरा सीजन अब खत्म होने की ओर है, लेकिन इस बार जिले के नदी-तालाब पर्याप्त पानी से नहीं भर सके हैं। आंकड़ों के मुताबिक भले ही जिले में औसत बारिश का करीब 75 से 80 प्रतिशत कोटा पूरा हो गया हो, लेकिन तेज बारिश नहीं होने के कारण जलस्रोतों में पानी की आवक बेहद कम रही।
इसका असर शिप्रा नदी पर भी देखने को मिला। बारिश के मौसम में सामान्य तौर पर कई बार उफान पर आने वाली शिप्रा नदी इस बार एक बार भी तेज बहाव में नहीं आई। नदी में पानी का स्तर बढ़ने के बजाय सामान्य बना रहा।
जिले के छोटे-बड़े कुल 54 डेम और तालाब भी पर्याप्त नहीं भर सके। इनमें फिलहाल सिर्फ 37 प्रतिशत पानी ही जमा हो पाया है। ऐसे में आने वाले समय में पेयजल और सिंचाई व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ सकती है।
जानकारों के अनुसार, बारिश के कुल आंकड़े में सामान्य स्थिति दिखाई देने के बावजूद जलस्रोतों के लिए बारिश की तीव्रता और लगातार होने वाली बारिश ज्यादा महत्वपूर्ण होती है। इस बार बारिश के कई दौर कमजोर रहे और तेज बारिश नहीं होने से पानी का बहाव जलाशयों तक पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पाया।
जिले के किसानों के लिए भी कम जलभराव चिंता का विषय है। डेम और तालाबों में कम पानी जमा होने से रबी सीजन की सिंचाई पर असर पड़ने की आशंका है। वहीं गर्मी के मौसम में पेयजल स्रोतों पर भी दबाव बढ़ सकता है।
अब बारिश के बचे हुए दिनों में यदि अच्छी बारिश होती है तो जलस्रोतों में पानी की स्थिति कुछ बेहतर हो सकती है। लेकिन फिलहाल 54 डेम-तालाबों में सिर्फ 37 प्रतिशत जलभराव होने से जिले में जल संकट की चिंता बनी हुई है।

