वायरल वीडियो के पीछे का दर्दनाक सच: भीषण गर्मी में स्ट्रेचर पर बच्चे को लेकर भटकते रहे माता-पिता
मध्य प्रदेश के इंदौर में स्थित एमवाय अस्पताल और सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल के बीच एक बीमार बच्चे को स्ट्रेचर पर ले जाते माता-पिता का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। भीषण गर्मी के बीच अपने बच्चे को स्ट्रेचर पर लेकर अस्पताल परिसर में जाते हुए माता-पिता की तस्वीरों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। अब इस वीडियो के पीछे की दर्दभरी कहानी भी सामने आई है।
जानकारी के अनुसार, बच्चा गंभीर रूप से बीमार था और उसे बेहतर इलाज के लिए एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में ले जाया जा रहा था। वीडियो में देखा जा सकता है कि तेज धूप और गर्मी के बावजूद माता-पिता खुद ही स्ट्रेचर को धक्का देते हुए बच्चे को लेकर जा रहे हैं। इस दौरान उनके साथ कोई अस्पताल कर्मचारी नजर नहीं आता।
वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। कई लोगों ने पूछा कि आखिर गंभीर मरीज को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त व्यवस्था क्यों नहीं की गई। मामले ने तूल पकड़ा तो इसके पीछे की वास्तविक स्थिति भी सामने आई।
बताया जा रहा है कि बच्चे को विशेष उपचार और जांच के लिए एमवाय अस्पताल से सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल रेफर किया गया था। दोनों अस्पताल एक ही मेडिकल परिसर में स्थित हैं, लेकिन उनके बीच की दूरी मरीज और परिजनों के लिए चुनौती बन गई। बच्चे की हालत को देखते हुए माता-पिता उसे जल्द से जल्द दूसरे अस्पताल पहुंचाना चाहते थे, इसलिए वे स्वयं स्ट्रेचर लेकर निकल पड़े।
वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मामले की जानकारी ली। अधिकारियों का कहना है कि घटना की जांच की जा रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि मरीज को स्थानांतरित करने के दौरान निर्धारित व्यवस्था क्यों उपलब्ध नहीं हो सकी।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में मरीजों की सुविधा और समन्वय व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर लोग मांग कर रहे हैं कि गंभीर मरीजों को एक विभाग से दूसरे विभाग तक ले जाने के लिए बेहतर और मानवीय व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी परिवार को ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।
फिलहाल वायरल वीडियो ने स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया है। वहीं, बच्चे और उसके परिवार की परेशानी ने लोगों को भावुक कर दिया है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि जांच के बाद प्रशासन क्या कदम उठाता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या व्यवस्था की जाती है।

