18 साथियों की शहादत ने जुवैर हिल पर दिलाई जीत, कैप्टन खान बोले- कारगिल युद्ध का हर पल आज भी ताजा
कारगिल युद्ध के दौरान जुवैर हिल पर मिली जीत की यादें आज भी कैप्टन खान के जेहन में ताजा हैं। उन्होंने युद्ध के दौरान अपने 18 साथियों की शहादत को याद करते हुए कहा कि जवानों ने कठिन परिस्थितियों में अदम्य साहस का परिचय दिया। दुश्मन की चुनौती के बावजूद भारतीय सैनिकों ने चोटी पर तिरंगा फहराकर ही दम लिया।
कैप्टन खान ने कारगिल युद्ध के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि जुवैर हिल पर कब्जा करना भारतीय सेना के लिए आसान नहीं था। ऊंची पहाड़ी, कठिन भौगोलिक परिस्थितियां और दुश्मन की लगातार फायरिंग के बीच जवानों को आगे बढ़ना पड़ा। हर कदम पर खतरा था, लेकिन सैनिकों का हौसला कमजोर नहीं हुआ।
18 साथियों की शहादत को किया याद
कैप्टन खान ने बताया कि जुवैर हिल की लड़ाई में उनके 18 साथी शहीद हुए। इन जवानों ने देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उनकी शहादत ने बाकी जवानों के संकल्प को और मजबूत किया।
उन्होंने कहा कि साथियों को खोने का दर्द आज भी याद है, लेकिन उनके बलिदान ने मिशन को पूरा करने का हौसला दिया। जवानों ने पीछे हटने के बजाय लक्ष्य हासिल करने का संकल्प लिया।
चोटी पर तिरंगा फहराकर ही माने
जुवैर हिल पर भारतीय सैनिकों का लक्ष्य स्पष्ट था। जवानों ने कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ते हुए चोटी पर कब्जा किया और वहां तिरंगा फहराया। कैप्टन खान के अनुसार, तिरंगा फहराने के बाद ही जवानों को महसूस हुआ कि मिशन पूरा हुआ है।
कारगिल युद्ध के दौरान भारतीय सैनिकों ने ऊंची चोटियों पर बैठे दुश्मन के खिलाफ बेहद कठिन परिस्थितियों में लड़ाई लड़ी थी। दुर्गम पहाड़ी इलाकों में ऑपरेशन चलाना सेना के लिए बड़ी चुनौती थी।
आज भी याद हैं युद्ध के पल
कैप्टन खान ने कहा कि कारगिल युद्ध का हर पल आज भी उनकी आंखों के सामने है। युद्ध में साथ रहे जवानों की बहादुरी और बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि उन सैनिकों का साहस आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा है।
जुवैर हिल पर तिरंगा फहराने की घटना भारतीय सैनिकों के दृढ़ संकल्प और साहस की मिसाल बनी। 18 जवानों की शहादत को याद करते हुए कैप्टन खान ने कहा कि देश की रक्षा के लिए दिया गया यह बलिदान हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा।
कारगिल युद्ध की विजय गाथा में जुवैर हिल का अभियान भारतीय सेना के अदम्य साहस, त्याग और देशभक्ति का प्रतीक है। कैप्टन खान के अनुभवों ने एक बार फिर उन वीर जवानों के बलिदान और संघर्ष की यादें ताजा कर दीं।

