कान्हा टाइगर रिजर्व में दो बाघों की मौत पर हाईकोर्ट सख्त, मध्य प्रदेश सरकार से मांगा जवाब
मध्य प्रदेश के कान्हा टाइगर रिजर्व में दो बाघों की मौत के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने सितंबर और अक्टूबर में हुई दोनों बाघों की मौत के कारणों की जानकारी देने के निर्देश दिए। कोर्ट ने सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा है कि दोनों बाघों की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इसके पीछे क्या वजह रही।
सितंबर और अक्टूबर में हुई बाघों की मौत
कान्हा टाइगर रिजर्व मध्य प्रदेश के प्रमुख वन्यजीव संरक्षण क्षेत्रों में शामिल है। यहां बाघों के संरक्षण और उनकी निगरानी के लिए वन विभाग की ओर से विभिन्न व्यवस्थाएं की जाती हैं। ऐसे में दो बाघों की मौत का मामला वन्यजीव संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों बाघों की मौत सितंबर और अक्टूबर महीने में हुई थी। इन घटनाओं को लेकर हाईकोर्ट में मामला पहुंचा, जिसके बाद अदालत ने राज्य सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में दोनों बाघों की मौत के सटीक कारणों का खुलासा नहीं हुआ है।
सरकार को देनी होगी मौत के कारणों की जानकारी
सोमवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से दोनों घटनाओं के संबंध में जवाब मांगा। अदालत के निर्देश के बाद अब सरकार को यह जानकारी देनी होगी कि बाघों की मौत कैसे हुई और संबंधित मामलों में क्या तथ्य सामने आए हैं।
वन्यजीवों की मौत के मामलों में उनकी स्थिति, घटनास्थल और उपलब्ध जांच रिपोर्ट के आधार पर कारणों का पता लगाया जाता है। हालांकि, कान्हा टाइगर रिजर्व में हुई इन दोनों मौतों के मामले में जांच से जुड़े विस्तृत तथ्य सार्वजनिक जानकारी में सामने नहीं आए हैं। इसलिए मौत के कारणों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना अभी उचित नहीं होगा।
बाघों के संरक्षण पर फिर ध्यान
कान्हा टाइगर रिजर्व बाघों के साथ-साथ कई अन्य वन्यजीव प्रजातियों के संरक्षण के लिए भी जाना जाता है। यहां बाघों की सुरक्षा, उनके प्राकृतिक आवास को बनाए रखना और उनकी गतिविधियों पर नजर रखना वन विभाग की जिम्मेदारी का अहम हिस्सा है।
हाईकोर्ट की ओर से जवाब मांगे जाने के बाद अब इस मामले में राज्य सरकार के पक्ष और उपलब्ध तथ्यों पर नजर रहेगी। अदालत में आगे होने वाली सुनवाई के दौरान दोनों बाघों की मौत के कारणों तथा मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

