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TI के भ्रष्टाचार का 'बहीखाता' सामने आया, हुक्का लाउंज, स्पा, होटल और सटोरियों से वसूली के सवा लाख रुपये के रिकॉर्ड मिलने का दावा

TI के भ्रष्टाचार का 'बहीखाता' सामने आया, हुक्का लाउंज, स्पा, होटल और सटोरियों से वसूली के सवा लाख रुपये के रिकॉर्ड मिलने का दावा

एक थाना प्रभारी (TI) से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में जांच एजेंसियों के हाथ अहम दस्तावेज लगने का दावा किया जा रहा है। जांच के दौरान एक कथित 'बहीखाता' सामने आया है, जिसमें हुक्का लाउंज, स्पा सेंटर, होटल और सट्टा कारोबार से जुड़े लोगों से की गई कथित वसूली का विवरण दर्ज होने की बात कही जा रही है। शुरुआती जांच में करीब सवा लाख रुपये के लेनदेन का रिकॉर्ड मिलने का दावा किया गया है।

जांच अधिकारियों के अनुसार, बरामद दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि कथित रूप से दर्ज रकम किससे, कब और किन परिस्थितियों में ली गई। साथ ही, इस मामले में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।

कई प्रतिष्ठानों से कथित वसूली का उल्लेख

सूत्रों के मुताबिक, कथित बहीखाते में हुक्का लाउंज, स्पा सेंटर, होटल संचालकों और सट्टा कारोबार से जुड़े लोगों से नियमित वसूली का उल्लेख होने का दावा है। हालांकि, जांच पूरी होने तक इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जांच एजेंसियां दस्तावेजों का मिलान बैंक रिकॉर्ड, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों से कर रही हैं, ताकि आरोपों की सत्यता की पुष्टि की जा सके।

जांच के दायरे में कई पहलू

अधिकारियों का कहना है कि मामले में वित्तीय लेनदेन, कथित संरक्षण और वसूली के नेटवर्क समेत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों और अन्य आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम सहित अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच भी संभव

जांच एजेंसियां बरामद रिकॉर्ड की प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकता पड़ने पर दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच भी करा सकती हैं। इसके अलावा, मामले से जुड़े लोगों से पूछताछ का सिलसिला भी जारी है।

फिलहाल, यह मामला जांच के अधीन है। अधिकारियों का कहना है कि सभी साक्ष्यों के परीक्षण और जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा। यदि कथित बहीखाते में दर्ज जानकारी की पुष्टि होती है, तो यह मामला पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार से जुड़े बड़े खुलासों में शामिल हो सकता है।

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